शहर इन दिनों दिवाली के लिए तैयार हो रहा है, लेकिन इसी बीच एक खतरा भी मंडरा रहा है। दीपावली सहित शादियों के सीजन पर शहर में बिकने के लिए पटाखों की दुकानें सजने लगी हैं। विडंबना यह है कि पटाखों के अधिकतर गोदाम शहर के रिहायशी इलाकों में हैं।
आलम यह है कि शहर का एक बड़ा गोदाम आकाशवाणी कठुआ से ठीक सटाकर रिहायशी इलाके में बनाया गया है और प्रशासन को इसकी कोई भी परवाह नहीं है।
यहां तक कि होलसेल पटाखा विक्रेताओं के लाइसेंस रिन्यू करने की प्रक्रिया को भी लगभग पूरा कर लिया गया है पर किसी ने भी यह सोचने की जहमत नही उठाई कि इन गोदामों को सुरक्षा के लिहाज से किन स्थानों पर चलाया जा रहा है। शहर के विभिन्न इलाकों में पटाखा विक्रेता अधिकतर रिहायशी इलाकों में प्रशासन की नाक तले धड़ल्ले से पटाखे बेच रहे हैं।
वार्ड 17 कबीर नगर, पुलिस लाइन रोड़ और मुख्य बाजार से सटे कई इलाकों में भी सुरक्षा को ताक में रख कर पटाखों का यह कारोबार जारी है। पिछले कई वर्षों इसी तरह चल रहे कारोबार का अंजाम को समझते हुए भी प्रशासन लापरवाही बरत रहा है।