फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kathua News: पुश्तैनी संपत्ति पाने के लिए मां से मारपीट करने का आरोपी बेटा बरी

विज्ञापन
विज्ञापन
-कोर्ट के मुताबिक अभियोजन पक्ष अपराध साबित करने में विफल रहा, चालान खारिज किया जाता है
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

कठुआ। उप-न्यायाधीश ने पुश्तैनी संपत्ति पाने के लिए मां के साथ मारपीट के एक मामले में आरोपी बेटे को सबूतों के अभाव में बरी करने का आदेश दिया है। कोर्ट के मुताबिक अभियोजन पक्ष अपराध साबित करने में विफल रहा है, इसलिए आरोपी को सभी आरोपों से बरी करने का निर्णय सुनाया जाता है।

अदालत में पुलिस की ओर से दायर चालान के मुताबिक आरोपी रविन्द्र सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह निवासी वार्ड 9 कठुआ ने 31 दिसंबर 2021 को मां के घर में घुसता है। वार्ड नौ स्थित घर में अपनी मां से पुश्तैनी संपत्ति पाने के लिए झगड़ा और मारपीट करता है। आरोपी वर्तमान में चंडीगढ़ में रहता है और पटियाला स्थित एक निजी कंपनी में काम करता है। आरोपी पुश्तैनी संपत्ति में हक पाने के लिए हमेशा झगड़ा करता था। पीड़िता और उसके पति ने आरोपी को पहले ही फारगती दे दी थी। जब आरोपी मां से झगड़ा कर रहा था तो उसका पति घर के अंदर था। पीड़िता का पति कमरे के बाहर आता है और पीड़िता को बचाता है और पुलिस को इसकी सूचना दी। आरोपी के खिलाफ पीड़िता के बयान के आधार पर आईपीसी की धारा 451/323/504 के तहत थाना कठुआ में मामला दर्ज किया।
विज्ञापन

मामले में 9 जनवरी 2025 को अदालत ने अंतिम सुनवाई करते हुए आदेश सुनाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी का दोष साबित नहीं कर पाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाहों को पेश किया गया। जिसमें पीड़िता (शिकायतकर्ता) और उसका पति ने आरोपी के खिलाफ गवाही दी थी लेकिन मुख्य गवाहों की गवाही में गंभीर विरोधाभास और विसंगतियां हैं। जिसमें शिकायतकर्ता और उसके पति ने दावा किया है कि घटनास्थल पर पुलिस पहले पहुंची और उसके बाद पीड़िता को अस्पताल में जांच के लिए ले जाया गया। जबकि मामले में चौथा गवाह जांच अधिकारी ने गवाही दी थी कि उसे फोन अस्पताल से आया था उसके बाद पीड़िता के बयान पर मामला दर्ज किया गया।
विज्ञापन

इसके अलावा शिकायतकर्ता और उसके पति ने दावा किया कि घटना के बाद पीड़िता के फटे कपड़े और खून के धब्बे हमले के सबूत थे लेकिन जांच के दौरान ऐसी कोई सामग्री जब्त नहीं की गई थी। मामले में तीसरा गवाह चिकित्सा अधिकारी रिपोर्ट है, इसमें दर्ज की गई चोटें मामूली थीं और संभवतः गिरने के कारण हो सकती हैं। नतीजतन, चालान को ही खारिज किया जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें