संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। धमकी देने और चोट पहुंचाने के एक मामले में तीन आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया है। आदेश के मुताबिक अभियोजन पक्ष अपराध को साबित करने में विफल रहा है।
अदालत ने चालान को खारिज करने का फैसला सुनाया। वहीं, कोर्ट ने जमानती और व्यक्तिगत बांड को खारिज करने का आदेश दिया है। पुलिस की ओर दायर चार्जशीट के मुताबिक वंश लखनोत्रा निवासी वार्ड नंबर पांच, आदिश्वर सिंह और हरीश चौधरी दोनों निवासी वार्ड नंबर 11 कठुआ पर शिकायतकर्ता और दो अन्य लोगों को धमकी देने और चोट पहुंचाने का आरोप था।
शिकायतकर्ता प्रदीप शर्मा ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कठुआ थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी। मामला वर्ष 2023 का है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 341/323/506/201 मामला दर्ज किया था। तीनों आरोपियों के खिलाफ 29 नवंबर 2023 को आरोप तय किए गए।
इसके बाद अभियोजन पक्ष की ओर से सात में से तीन गवाहों की गवाही का अवलोकन किया गया। इसमें खुद शिकायतकर्ता और दो अन्य घायलों की गवाही शामिल थी। लेकिन किसी भी गवाह ने किसी भी आरोपी व्यक्ति द्वारा गलत तरीके से रोकने, डराने-धमकाने या लोहे की रॉड से हमला करने के बारे में कुछ नहीं कहा।
इस पर कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों से कोई भी आपत्तिजनक बात सामने नहीं आई है। लिहाजा मामले में तीनों आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया गया। कोर्ट का कहना था कि अपराध साबित नहीं हुआ।