- अपराध साबित न होने पर लापरवाही से गाड़ी चलाने के मामले में किया बरी
अदालत से... का लोगो लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लापरवाही से गाड़ी चलाने के मामले में आरोपी को बरी किया है जबकि बिना ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) के वाहन चलाने पर अभियुक्त को दोषी करार देते हुए उसे पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया है।
अदालत के आदेश के मुताबिक, अभियोजन पक्ष लापरवाही से गाड़ी चलाने के मामले में आरोपी के खिलाफ अपराध को साबित नहीं कर पाया, इसलिए चालान को खारिज किया जाता है। हालांकि आरोपी को बिना लाइसेंस मोटरसाइकिल चलाने के मामले में कोर्ट ने दोषी पाया है। अभियुक्त ने पहली बार ये अपराध किया है, इसलिए नरम रुख अपनाते हुए अदालत ने एमवी एक्ट के तहत इस अपराध के लिए पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया।
कोर्ट में पेश चालान के अनुसार प्रदीप सिंह पुत्र करण सिंह निवासी जखबड़ पर आरोप था कि 11 फरवरी 2022 को आरोपी मोटरसाइकिल को तेज गति और लापरवाही से चलाते हुए जखबड़ से नगरी की ओर जा रहा था। कल्याणपुर के पास उसने नियंत्रण खो दिया और मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गया। आरोपी के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों में से दो के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। लिहाजा दोनों में कोई भी घटना का चश्मदीद गवाह नहीं है। इसलिए सुनवाई को लंबा खींचना सार्थक नहीं होगा। लिहाजा चालान को खारिज किया जाए।
इस पर अदालत ने उसे मामले में बरी करने का फैसला सुनाया गया। हालांकि बिना ड्राइविंग मोटरसाइकिल चलाने को लेकर आरोपी ने खुद ही अपना दोष कबूल किया है और उसने पहली बार अपराध किया है। इसलिए उसे 500 रुपये जुर्माना लगाया जाता कोर्ट ने दोषी के जमानती बांड और व्यक्तिगत बांड को भी निरस्त कर दिया। कहा कि जो वाहन अब तक सुपुर्दनामा पर छोड़ा जा चुका है, उसे भी मालिक के पक्ष में पूरी तहत से मुक्त माना जाएगा।