कठुआ। पुलिस से न्यायालय तक करीब चार साल तक चली प्रक्रिया के बाद विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट ने आबकारी अधिनियम के आरोपी को बाइज्जत बरी किया है।
कोर्ट में दायर पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार कठुआ पुलिस ने वर्ष 2021 में चक द्राब खान निवासी आरोपी अर्जुन कुमार को अवैध शराब की तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की थी। उसके खिलाफ आठ अक्तूबर 2021 को आरोप तय किए गए थे। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष को साक्ष्य पेश करने का निर्देश दिया था, लेकिन अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में कोई गवाह पेश नहीं किया गया। आरोपी के वकील ने सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया कि मामले की जांच हेड कांस्टेबल मो. हुसैन ने की थी जबकि अधिनियम के स्थापित कानून के मुताबिक वह जांच नहीं कर सकते थे।
आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि स्थापित कानून की धारा 30(4) के अनुसार एसआई के पद से नीचे के पुलिस अधिकारी मामले में जांच नहीं कर सकते। इसके बाद कोर्ट से आरोपी को बरी करने की अपील की गई। इसे कोर्ट ने मान लिया और आरोपी को बाइज्जत बरी करने का फैसला सुनाया है। आदेेश के अनुसार, मामले में ऐसे पुलिस अधिकारी ने जांच की है जो आबकारी अधिनियम के स्थापित कानून के मुताबिक जांच करने के लिए सक्षम नहीं थे। लिहाजा आरोपी को दोषी ठहराए जाने की कोई संभावना नहीं है। मामले में चालान को इसी आधार पर खारिज कर आरोपी को बरी किया गया।