संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने एनडीपीएस मामले में आरोपी को सशर्त जमानत दी है। आदेश के अनुसार आरोपी को 50 हजार रुपये के जमानती मुचलके और इतनी ही राशि का व्यक्तिगत बांड भरने की शर्त पर जमानत दी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तभी उसे रिहा किया जाएगा।
इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी को प्रत्येक सुनवाई पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने, अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश से बाहर जाने से पहले अदालत की अनुमति लेने के निर्देश दिए हैं। किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर अभियोजन पक्ष कानून के अनुसार जमानत रद्द करवाने की मांग कर सकेगा।
मामले की सुनवाई गत 18 सितंबर को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीन पंडोह ने की, जबकि जमानत याचिका आरोपी द्वारा गत 5 सितंबर को दायर की गई थी। दायर जमानत याचिका के अनुसार, आरोपी अभिषेक शर्मा को रेलवे पुलिस ने चिट्टे की मात्रा 3.50 ग्राम के साथ गिरफ्तार किया था, जबकि पूरे मामले में पुलिस 6.70 ग्राम चिट्टा बरामद करने का दावा किया गया था।
अभियोजन ने दलील दी कि आरोपी के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो मामले दर्ज हैं और वह पहली बार अपराध करने वाला व्यक्ति नहीं है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी को 14 अगस्त 2025 को अंतरिम जमानत मिली थी, लेकिन वह आवश्यक जमानती मुचलके पेश नहीं कर पाया। इसके बाद उसे पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था। वहीं, आरोपी की वकील ने दलील दी कि वह मुकदमे की सुनवाई में हर तारीख पर उपस्थित रहने और जांच व सुनवाई में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार है।
अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि आरोपी को पहले अंतरिम जमानत मिली थी, लेकिन वह जमानती मुचलके दाखिल नहीं कर सका था। बाद में 22 अगस्त 2025 को उसकी हिरासत
पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के वारंट के निष्पादन के लिए जीआरपी कठुआ के एसएचओ को सौंपी गई थी। जिसके बाद अदालत ने आरोपी