जीएमसी कठुआ में ब्लैक फंगस का संदिग्ध मामला सामने आने के बाद जीएमसी प्रशासन लैब में जांच का दायरा बढ़ाने की तैयारियों में जुट गया है। विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह के मामलों को कठुआ में संभाल पाना फिलहाल मुश्किल है। क्योंकि इसके लिए सुपर स्पेशलिटी के साथ-साथ प्लास्टिक सर्जरी तक की जरूरत रहती है।
जीएमसी कठुआ की प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि नादिर भट्ट ने बताया कि कोविड आईसीयू में भर्ती एक कोरोना संक्रमित में ब्लैक फंगस के संभावित लक्षण पाए गए हैं। उसके चेहरे पर यह लक्षण सामने आए हैं। इसके बाद सैंपल लेकर जांच के लिए जम्मू भेजे गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों में प्राथमिक उपचार के लिए दवाएं मंगवाई जा रही हैं। एहतियात के तौर पर आक्सीजन पाइपलाइन साफ करने के साथ ही उपकरणों में इस्तेमाल किए जा रहे पानी को नियमित बदलने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है।