कोरोना महामारी के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए डीसी कठुआ के निर्देश पर बसोहली प्रशासन ने भी सख्ती बढ़ा दी है। वीरवार को एडीसी बसोहली तिलकराज थापा ने तहसीलदार बसोहली अमन आनंद, खंड चिकित्सा अधिकारी अनुराधा केरणी, नायब तहसीलदार जाकिर हुसैन के साथ अटल सेतु और अटल सेतु के साथ स्थापित स्वास्थ्य विभाग के केंद्रों का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने निर्देश दिए कि पंजाब, हिमाचल से आने वाले लोगों के कोविड-19 के टेस्ट किए जाएं। इसके बाद उन्हें प्रदेश में प्रवेश दिया जाए।
एडीसी कार्यालय में दोपहर बाद बैठक भी हुई। इसमें व्यापार मंडल के प्रधान समेत सभी मंदिरों के महंत, मस्जिदों के मौलवी, वाहन चालकों के एजेंटों को बुलाकर निर्देश दिए कि बिना मास्क आने वाले लोगों को बसों, मंदिरों, मस्जिदों व दुकानों में प्रवेश न दें। सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने ट्रांसपोर्ट यूनियन के एजेंट से कहा कि वाहनों में ओवरलोडिंग न करें। अगर कोई ओवरलोडिंग या बिना मास्क के पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब में नौकरी करने वालों को दस में एक बार कराना होगा टेस्ट
खंड चिकित्सा अधिकारी अनुराधा केरनी ने एडीसी को बताया कि 23 मार्च को अटल सेतु से आने वाले लोगों के कोरोना टेस्ट किए गए थे, जिसमें से चार लोग पॉजिटिव मिले थे। एडीसी ने निर्देश दिए कि जो भी पर्यटक पंजाब, हिमाचल से अटल सेतु के जरिए जम्मू कश्मीर में प्रवेश करते हैं, उनके कोविड-19 के टेस्ट किए जाएं। बसोहली क्षेत्र के जो कर्मचारी सरकारी नौकरी हेतु रोजाना पंजाब में जाते हैं, उनके 10 दिनों में एक बार टेस्ट करने के निर्देश दिए।
सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन का पालन करें लोग
एडीसी ने बताया कि आज लोगों को जागरूक करने के लिए यह अभियान चलाया गया है। बीते दो माह से लोग करोना महामारी के प्रति लापरवाह हो गए हैं और उन्होंने सामाजिक दूरी और मास्क लगाना छोड़ दिया है। इसलिए लोगों को जागरूक करने एके साथ-साथ चेतावनी भी दी गई है। प्रथम बार नियम का उल्लंघन करने पर 500 रुपये और दूसरी बार हजार रुपये और उससे आगे कानूनी कार्रवाई और जुर्माना दोनों किया जा सकता है। एडीसी ने लोगों से अपील की कि सरकार द्वारा जारी एसओपी और गाइडलाइन का पालन करें। खांसी, बुखार, जुकाम जैसे लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चेकअप जरूर करवाएं।