फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए 50 से 80 किलोमीटर जाना होगा, वाहन स्वामियों को होगी मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कठुआ जिला करीब 25 सौ वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। जिले में व्यावसायिक वाहनों को अब फिटनेस प्रमाण पत्र की सुविधा बंद कर दी गई है। इसके लिए जिला मुख्यालय से करीब 50 से 80 किलोमीटर दूर जाना होगा। क्योंकि पासिंग सुविधा को कठुआ आरटीओ से सांबा और जम्मू में शिफ्ट कर दिया गया है। जिसका सीधा असर जिले में पंजीकृत हजारों व्यवसायिक वाहनों पर पड़ना तय है।
जम्मू-कश्मीर के परिवहन आयुक्त के नए आदेश के बाद कठुआ में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच (पासिंग) की सुविधा बंद हो गई हैं। ऐसे में अब वाहन मालिकों को फिटनेस प्रमाण-पत्र के लिए सांबा स्थित इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन सेंटर या फिर जम्मू स्थित ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) जाना होगा।
ऐसे में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में हर सप्ताह होने वाले 70 के करीब वाहन फिटनेस जांच की व्यवस्था खत्म हो चुकी है। नई व्यवस्था के तहत अब लोगों को वाहन की साइट पर जाकर फिटनेस स्लाट बुक करना होगा। इसमें बुकिंग के दौरान फिटनेस जांच के लिए आवेदक के पास आईसीएस और एटीएस का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद ऑनलाइन ही इसकी फीस जमा करवाकर लोगों को अपने वाहनों की फिटनेस हासिल करनी होगी।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) सुरिंदर पाल शर्मा ने बताया कि अब कठुआ में वाहनों की फिटनेस जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी। जिन वाहन मालिकों ने पहले फिटनेस के लिए आवेदन किया है या आगे करवाना चाहते हैं, उन्हें नई व्यवस्था का ही अनुपालन करना होगा। उन्होंने लोगों से समय रहते अपनी फिटनेस जांच कराने और नए प्रावधान की जानकारी रखने की अपील की।
ट्रांसपोर्टरों ने जताया विरोध
ट्रांसपोर्टरों ने इस व्यवस्था को कठुआ के साथ अन्यायपूर्ण बताते हुए अपना रोष जताया है। उनका कहना है कि बिना ट्रांसपोर्टरों से राय लिए फिटनेस जांच केंद्र को जम्मू और सांबा स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे वाहन मालिकों और चालकों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी और समय व धन दोनों की बर्बादी होगी। प्रदर्शनकारी ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि कठुआ सीमावर्ती जिला होने के साथ प्रदेश का प्रवेश द्वार भी है। यहां बड़ी संख्या में व्यावसायिक वाहन संचालित होते हैं, इसलिए फिटनेस जांच की सुविधा जिले में ही उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होंने सरकार और परिवहन विभाग से निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए कठुआ में ही फिटनेस पासिंग की व्यवस्था बहाल करने की मांग की।