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Kathua News: कोहरे से धीमी हुई जीवन और वाहनों की रफ्तार, शीतलहर की चपेट में जिला

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-दृष्टता 50 मीटर से भी कम रह रही है, स्कूल जाने वाले बच्चे ठिठुरने को हो रहे मजबूर
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के मैदानी इलाके शीतलहर की चपेट में हैं। लगातार कोहरे की मार से जहां दृष्टता 50 मीटर से भी कम रह रही है वहीं वाहनों की आवाजाही भी बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। कठुआ में बादल छाए रहे। दिन का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। सुबह धूप न खिलने के कारण स्कूली बच्चे भी ठिठुरने को मजबूर हो रहे हैं।
तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। कोहरे के कारण जिले के मैदानी इलाकों में सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सुबह और शाम प्रभावित हो रही है। मैदानी इलाकों में शनिवार की सुबह से हर ओर कोहरे का आलम देखने को मिला। इस वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग और लिंक मार्गों पर वाहन रेंगते रहे। दृष्यता कम होने से इस दौरान किसी दुर्घटना से बचने के लिए चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर अपने वाहनों को चलाना पड़ा।
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पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। सुबह करीब 11 बजे तक चली सर्द हवाओं ने शाम चार बजने के साथ एक फिर जोर पकड़ा जिसने लोगों को कांपने पर मजबूर कर दिया। मौसम में आए बदलाव से बढ़ी ठंड से निजात पाने के लिए कठुआ के विभिन्न चौक चौराहे, घरों और दुकानों पर लोग अलाव सेंकते नजर आए।
भीषण ठंड का असर शहर के सार्वजनिक स्थलों पर साफ दिखाई दिया। जहां अन्य दिनों के मुकाबले लोगों की उपस्थिति आधी ही दिखाई दी। भीषण ठंड का असर शहर के बाजार पर भी देखने को मिला। जहां आम दिनों में सुबह 9 बजे से 10 बजे के बीच खुल जाने वाली दुकानें भी करीब एक घंटा देरी से खुली। शाम को एक बार फिर ठंड का प्रकोप बढ़ने के कारण आठ बजते ही दुकानों के बंद होने का क्रम शुरू हो गया।
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कड़ाके की ठंड के कारण श्रमिक वर्ग को दिन भर ठिठुरते हुए अपने काम को निपटाना पड़ा। जबकि नौकरी पेशा लोग भी काम पर देरी से पहुंचे। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी ठंड का आलम यह रहा कि किसान अपने खेतों का काम निपटाने के बजाए अलाव सेंकते नजर आए। मौसम विभाग अनुसार रविवार को भी मौसम के खराब रहने की संभावना है। कोहरे की मार अभी जारी रह सकती है।

कृष्ण कथा सुनाते यमुनापुरी महाराज। 

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