प्रदेश में 4जी इंटरनेट सेवा न होने से विद्यार्थी सही ढंग से ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, जबकि राजनेता ऑनलाइन रैलियां कर रहे हैं। ऑनलाइन रैली या उद्घाटन के लिए बेहतर इंटरनेट की व्यवस्था हो सकती है तो बच्चों की पढ़ाई के लिए क्यों नहीं? सीमावर्ती गांव पट्टी मेरू के कार्तिक शर्मा व अन्य विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि नौ जुलाई को हमारे गांव के नजदीक तरहनाह-1 और तरनाह-2 में पुलों का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया गया।
इसके लिए बेहतर इंटरनेट स्पीड का इंतजाम चंद घंटों में ही कर लिया गया, जबकि ज्यादातर सीमावर्ती इलाकों में मोबाइल सिग्नल न होने से इंटरनेट नहीं चलता। 4जी तो दूर की बात यहां 2जी भी नहीं चलता। स्कूल ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे हैं, इसके लिए उन्हें दूसरे गांव में जाकर पढ़ना पड़ता है।
छात्रा सीमा शर्मा ने कहा कि नेताओं को अपने काम के लिए बेहतर इंटरनेट सुविधा मिल जाती है तो उन्हें आम लोगों से क्या लेना देना। वह पिछले तीन महीनों से ब्रॉडबैंड लगवाने के लिए विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। 2जी स्पीड के कारण पढ़ाई सही ढंग से नहीं हो पा रही। ऑनलाइन क्लास अटेंड नहीं कर सकते। व्हाट्सएप पर भेजा हुआ स्टडी मैटीरियल डाउनलोड करने में भी घंटों लग जाते हैं।