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Kathua News: चेक डैम नहीं बना, लोगों की सब्र का बांध टूटने लगा

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डेढ़ दशक से अधूरा पड़ा खोख्याल चेक डैम
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-डेढ़ दशक से अधर में परियोजना, पहले किसानों ने फिर ठेकेदार ने रोक दिया काम
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-डैम पूरा होता तो किसानों को सिंचाई के लिए मिलता पानी
पंकज मिश्रा

कठुआ। शहर से सटे गांव खोख्याल में बनने वाले बहुद्देशीय चेक डैम का निर्माण डेढ़ दशक बाद भी सिरे नहीं चढ़ पाया है। इससे क्षेत्र के लोग निराश हैं। डैम के निर्माण के लिए अब तक हुआ काम भी बेकार जा रहा है।
क्षेत्र के विकास के साथ किसानों को सिंचाई की सुविधा देने वाली इस परियोजना का वर्ष 2007-2008 में शुभारंभ हुआ था। 187 कनाल भूमि पर लगभग 12 करोड़ की लागत बनने वाले चेक डैम के लिए स्थानीय किसानों की भूमि ली गई थी। पहले किसानों ने मुआवजा न मिलने की सूरत में चेक डैम के निर्माण को रुकवा दिया और पैसा मिलने के बाद मामला शांत हुआ तो निर्माण ठेकेदार से अपने नुकसान का हवाला देते हुए काम बंद कर दिया। इस बीच डैम का निर्माण पूरा करवाने के लिए कई बार टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई, लेकिन निर्माण पूरा न हो सका। आज भी करोड़ों के खर्च से तैयार होने वाली परियोजना का लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल पाया है।
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ब्लॉक दिवस में लोगों ने उठाया मामला
खोख्याल में आयोजित ब्लॉक दिवस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने डैम के निर्माण को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। इसके बाद डीसी ने संबंधित विभाग को डैम के निर्माण में आने वाली बाधाओं को खत्म करने का निर्देश दिया। चैक डैम बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ भूमिगत पानी के स्तर को ऊपर उठाने का मुख्य प्रोजैक्ट था। इसके साथ ही सिंचाई, मत्स्य पालन और पर्यटन को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई गई थी। इसका निर्माण तीन वर्ष में किया जाना था और इससे इलाके की 1731 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होना था।


चेक डैम का निर्माण खोख्याल के विकास को गति देने का प्रयास था। इसके माध्यम से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलता। वहीं, इससे इलाके में पर्यटन के भी बढ़ृने की संभावना थी। इसमें मत्स्य पालन जैसे काम भी शामिल थे, जो इलाके में रोजगार को बढ़ा सकते थे। - रविंदर कुमार, स्थानीय



पूर्व मंत्री बाबू सिंह के कार्यकाल में शुरू हुआ निर्माण उनका कार्यकाल खत्म होने के साथ ही ठप पड़ गया। आने वाले विधायकों ने इसे पूरा करवाने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई। उन्हें डर था कि परियोजना पूरी होने पर इसका श्रेय पूर्व मंत्री को चला जाएगा। ऐसे में यह काम आज तक पूरा नहीं हो पाया है। -दीप शर्मा, किसान
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इस डैम के निर्माण से खुशहाली आती। इससे इलाके के किसानों को पानी के साथ रोजगार मिलने की भी संभावना थी। बदकिस्मती से आज तक चेक डैम का निर्माण नहीं हो सका है। आज भी इलाके के लोग सिंचाई के लिए बारिश और ट्यूबवेल पर आश्रित हैं। -योगराज, किसान
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- कोट...

किसानों को सिंचाई की सुविधा देने के साथ इलाके के विकास के लिए योजना काफी महत्वपूर्ण है। लिहाजा इस बारे में जल्द सिंचाई विभाग से जानकारी ली जाएगी। निर्माण को पूरा करने में आने वाली बाधाओं को खत्म करवाया जाएगा। -डॉ. भारत भूषण, विधायक कठुआ
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