बिलावर। वन्य जीव विभाग ने बुधवार को वन्यजीवों से फसलों को बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने किसानों को पटाखे और गुलेल आदि उपकरण बांटकर इनके सहारे आबादी से वन्यजीवों को खदेड़ने की सलाह दी।
वाइल्डलाइफ वार्डन जूहेब चौधरी के निर्देश पर वन्य जीव विभाग की टीम फॉरेस्टर दिनेश कुमार के नेतृत्व में किशनपुर गांव पहुंची। टीम ने किसानों को विभिन्न वन्यजीवों के स्वभाव और उनसे बचने के तरीके बताए। स्थानीय किसानों को वन्य जीव विभाग की टीम को बताया कि फसलों को उगाने से भी अधिक मुश्किल काम फसलों को सुरक्षित रखने का है।
किसानों ने बताया कि बंदर और जंगली सुअरों से फसल क्षति बढ़ रही है। इस कारण किसानों को खेत में की गई उनकी मेहनत से उगाई गई फसलों की चिंता सताती है। वन्य जीव विभाग के फॉरेस्ट गार्ड सुरजीत सिंह ने किसानों को बताया कि जंगली जानवरों को भगाने के लिए हर्बल गोल घोल सटीक तरीका है।
उन्होंने कहा कि गोबर के साथ पोल्ट्री के कचरे को मिलाकर उनका एक मिश्रण बनाएं, जिसका घोल तैयार करके फसलों पर छिड़काव करें। एक बार के छिड़काव का प्रभाव करीब 20 दिनों तक रहता है। इसकी गंध से जंगली सुअर एवं बंदर फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। गोली या पटाखे दाग कर भी जंगली जानवरों को जंगलों की तरफ भगाया जा सकता है। इस मौके पर किसान राजकुमार, अजय सिंह, जोगेंद्र कुमार, गिरधारी लाल और आदि मौजूद थे।