डीसी कठुआ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नशे और मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों वाले क्षेत्रों की पहचान कर उनका मानचित्रण करें। स्कूल शिक्षा विभाग को कोचिंग सेंटरों में सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। इसके अतिरिक्त कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत सरकारी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों को मनोविज्ञान संकाय की मदद से नियमित परामर्श सत्र आयोजित करने और संवेदनशील छात्रों की पहचान करने को कहा गया।
शुक्रवार को जिला विकास आयुक्त कठुआ राजेश शर्मा ने राष्ट्रीय समन्वय एवं निगरानी समिति (एनसीओआरडी) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य जिले में नशे की बढ़ती समस्या पर अंकुश लगाने के लिए लागू किए जा रहे उपायों और उनकी प्रभावशीलता की समीक्षा करना था। युवा सेवाएं एवं खेल विभाग को युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए खेल गतिविधियां आयोजित करने और खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके। आबकारी विभाग को जिले का विस्तृत मानचित्रण कर अवैध गतिविधियों का पता लगाने और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रवर्तन को तेज करने के निर्देश दिए गए। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों को मजबूत करने के लिए डीसी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) कठुआ को सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करने को कहा।
पुलिस, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सूचना साझा करने और अवैध व्यापार में शामिल स्रोतों व सिंडिकेट्स पर रोक लगाने के लिए समन्वित रणनीति अपनाने को कहा गया। डीसी ने सीमा क्षेत्रों, राजमार्गों और संवेदनशील इलाकों में नियमित रात्रि गश्त करने पर भी जोर दिया। परिवहन विभाग को लापरवाह ड्राइविंग करने वाले चालकों की चिकित्सीय जांच करने और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के लाइसेंस रद्द करने जैसे सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए। सहायक औषधि नियंत्रक को फार्मास्यूटिकल दुकानों की जांच तेज करने और सौ प्रतिशत सीसीटीवी व सीबीएस कवरेज सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में एडीसी कठुआ विश्वजीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।