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पशु धन मेले में दुधारू मवेशियों को खरीदने के लिए उमड़े पशुपालक

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लखनपुर में आयोजित पशुधन मेले का निरीक्षण करते प्रधान सचिव नवीन चौधरी। संवाद - फोटो : KATHUA
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कठुआ। प्रदेश के प्रवेशद्वार लखनपुर में पशुपालन विभाग की रिंडरपेस्ट चेक पोस्ट पर विशाल पशुधन मेले का आयोजन किया गया। लगातार दूसरे रविवार को आयोजित होने वाले मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए दुधारू मवेशियों की खरीददारी करने के लिए पशुपालकों की भीड़ उमड़ी रही। जिन्होंने मेले में आए उन्नत किस्म के दुधारू मवेशियों को खरीदने के साथ वहां पशुपालन से जुड़े विषयों पर लगाए स्टालों से जानकारी भी जुटाई।
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इस मौके पर विशेष रूप उपस्थित प्रधान सचिव नवीन चौधरी ने मेले का निरीक्षण किया और वहां अपने पशुओं को बेचने और खरीदने के लिए आने वाले पशुपालकों से रूबरू हुए। प्रधान सचिव ने बताया कि पिछले कुछ सालों में देखा जा रहा था कि जम्मू कश्मीर में गर्मी के मौसम में आवश्यकता से 30 प्रतिशत दूध की कमी पड़ती थी। जिसे आने वाले साल में खत्म कर 30 प्रतिशत अतिरिक्त दूध का उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दुग्ध उत्पादन में जम्मू कश्मीर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नगरी और हीरानगर में प्रायोगिक मेले पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित कर पशुपालकों के रुझान को जाना गया था। बेहतर परिणाम आने के बाद इसे अब लखनपुर में आयोजित किया जा रहा है। शुरूआती चरण में फिलहाल इसे हर रविवार को आयोजित किया जा रहा है। पूरी तरह से प्रचार प्रसार हो जाने के बाद इसे हर माह के पहले रविवार को आयोजित किए जाने का प्रावधान रखा गया है। ताकि खरीदने और बेचने वालों को किसी तरह की असुविधा न हो।
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जिला विकास आयुक्त कठुआ राहुल यादव ने पशुपालन विभाग के प्रयास की सराहना करते हुए कहा की। प्रशासन मंडी में खरीदने और बेचने के लिए आने वाले पशुपालकों को जानवरों के परिवहन में आने वाली हर समस्या का समाधान करने के लिए आरपी चेकपोस्ट, लखनपुर में एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है। इसके अलावा इस संबंध में सिंगल-विंडो क्लीयरेंस मैकेनिज्म भी स्थापित किया जा रहा है।
मेले में विक्रेताओं द्वारा लगभग 400 उन्नत नस्ल वाले मवेशी लाए गए थे। जिनके खरीदने और बेचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। कार्यक्रम में स्थानीय डेयरी किसान विशेष रूप से ‘एकीकृत डेयरी विकास योजना’ के लाभार्थी अपनी पसंद के पशु खरीदते देखे गए।
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