शहर से सटे मेहरोली क्षेत्र में गोकशी के बाद से तनाव की स्थिति है। मामले को लेकर गांव के लोगों और हिंदू संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया और कहा कि इस तरह का कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। उधर, मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने सबूत जुटाए हैं। लखनपुर थाने में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
गोविंदसर गांव में धरने पर बैठे सैकड़ों ग्रामीणों ने घटना के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष जताया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता शशि शर्मा ने कहा कि उक्त घटना हिंदू समुदाय की भावनाओं को आहत करती है। इसका वह कड़ा विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम की कार्रवाई से वह संतुष्ट हैं। लेकिन मांग करते हैं कि ऐसा कृत्य करने वाले को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि दोबारा कोई भी व्यक्ति ऐसी घटना को अंजाम देने से पहले सोचे।
कॉलेज रोड पर भी इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया गया। शिव सैनिकों का नेतृत्व कर रहे जिला प्रधान नरेंद्र कांगड़ी ने कहा कि जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया है, वह पूरी तरह से आपराधिक प्रवृत्ति का है। क्योंकि सामान्य व्यक्ति भी जानता है कि गोकशी के क्या परिणाम हो सकते हैं। इसके बावजूद अगर किसी ने इस तरह का प्रयास किया है, तो वह जानबूझकर किया गया अपराध है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पुलिस जल्द इस मामले में लिप्त लोगों को गिरफ्तार नहीं करती है, तो शिवसेना कड़ा रुख अख्तियार करेगी। मामले में लखनपुर थाना प्रभारी संजीव चिब ने कहा कि इस संबंध में पुलिस ने धारा 295ए और 457 के तहत मामला दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
चारा डालने पहुंचा तो देखा कि नहीं हैं पशु
घटना के संबंध में पशु पालक गणेश कुमार पुत्र धर्मपाल निवासी गोविंदसर ने बताया कि गांव से थोड़ा दूर खेत में बनाई गई पशुशाला में वह पशुओं को रखते हैं। रविवार की रात भी दो पशुओं को बांधा था। सोमवार की सुबह करीब छह बजे जब चारा देने के लिए पहुंचे, तो देखा कि पशुशाला का ताला टूटा है और अंदर बंधे दोनों मवेशी भी नहीं हैं। इस पर उनके चोरी होने की आशंका हुई। खेत के आसपास तलाश करते हुए पहुंचा तो थोड़ी दूर एक पशु मिल गया। इससे दूसरे पशु के भी मिलने की उम्मीद बंधी और उसे तलाश करने लगा। इसी दौरान खेतों के बीच बहने वाली खंड में पशु के कुछ अंश मिले। इससे आभास हो गया कि पशु की हत्या की गई है। इस घटना की जानकारी गांव वालों के साथ पुलिस को दी।