संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। उपमंडल की अलग-अलग सड़कों पर चलने वाले यात्री और मालवाहक वाहन धड़ल्ले से प्रेशर हॉर्न बजा रहे हैं। सरकार की ओर से प्रेशर हॉर्न बजाने पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद वाहन चालकों पर असर नहीं है।
प्रेशर हार्न बजाने पर 10,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन इन वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही। वरिष्ठ नागरिक ओम प्रकाश, सरदारी लाल, रतन चंद, अरुण कुमार, रोशन लाल और अन्य लोगों ने बताया कि इलाके की सड़कों पर चलने वाले वाहन ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं और सड़कों पर प्रेशर हॉर्न का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग सड़क किनारे बनाए गए घरों में रहते हैं उन्हें सबसे अधिक परेशानियां ध्वनि प्रदूषण के कारण उठानी पड़ती हैं। लोगों ने बताया के कई बुलेट मोटरसाइकिल चालकों को मॉडिफाई साइलेंसर के साथ सड़क पर देखा और सुना जा सकता है।
इस कारण ध्वनि प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। लोगों ने बताया कि सड़क पर पैदल आवागमन करने वाले कई लोग प्रेशर हॉर्न की ध्वनि से डर जाते हैं। वरिष्ठ नागरिकों ने ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।