जसरोटा रेलवे फाटक पर जमा वाहन चालकों की भीड़। संवाद
- जसरोटा रेलवे फाटक पर सुबह लगभग साढ़े नौ बजे की घटना, रेलवे का दावा इंटरलॉक गेट सिग्नल के साथ जुड़े हुए हैं, हादसे की नहीं गुंजाइश
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जसरोटा रेलवे फाटक पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जबकि एक गेट खुला रह जाने के कारण ट्रैक पर कार पहुंच गई और इतने में दूसरा गेट बंद हो गया। रेल कर्मियों ने किसी तरह कार को बाहर निकलवाया।
घटना सुबह लगभग साढ़े नौ बजे की बताई जा रही है। रेलवे ने तकनीकी खराबी को लेकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि रेलवे अधिकारियों का दावा है कि सिस्टम अनसेफ प्रूफ है। फाटक पर इंटरलॉक गेट लगे हैं जिनका सीधा कनेक्शन सिग्नल के साथ है। दरअसल मंगलवार को जसरोटा लिंक मार्ग पर वाहनों की भारी भीड़ थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसी बीच रेलवे फाटक के बंद होने से पहले वाहन चालक आर-पार होने की होड़ में थे। गेट का सायरन बंद होने के लिए बजा लेकिन गेट बंद नहीं हुआ। इस बीच कार ट्रैक के बीचों बीच पहुंच गई। इतने में दूसरी ओर का गेट बंद हो गया। हादसे की आशंका भांपते हुए रेलवे कर्मचारियों ने फौरन कार को मोड़कर ट्रैक के बीच से बाहर निकलवाया। इसके बाद फाटक के दोनों गेट बंद हुए और इसके कुछ ही क्षणों बाद ट्रैक से इंजन आगे बढ़ गया।
मेकैनिकल फेलियर सामने आया है, जांच जारी है : स्टेशन अधीक्षक
स्टेशन अधीक्षक जय ओंकार सिंह ने बताया कि रेलवे क्रॉसिंग को लेकर सामने आए मामले में गेट का मेकैनिकल फेलियर सामने आया है। इसे लेकर जांच की जा रही है। जब तक गेट पूरी तरह से बंद न हों तब तक ट्रैक पर आने वाले गाड़ी को फाटक का सिग्नल नहीं मिलता है। ऐसे में गाड़ी सिग्नल पर ही रुक जाती है। जसरोटा क्रॉसिंग पर इसी सुविधा के तहत इंटरलॉक गेट लगे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेन आने की स्थिति में लोगों को भी धैर्य रखने की जरूरत है। गेट का सायरन बजने के बाद ट्रैक को पार करने में कई बार लोग जबरन आगे बढ़ जाते हैं। वहीं फाटक बंद होने पर लोगों को अपनी लेन में ही खड़े रहना चाहिए।