नहरों में पानी की सप्लाई को बंद कर दिया गया है। कठुआ नहर समेत इससे जुड़ी छोटी नहरों में अब मरम्मत, सफाई आदि के काम को अंजाम देने के बाद अप्रैल माह में बैसाखी पर पानी छोड़ा जाएगा। बैसाखी पर फसलों की कटाई का काम शुरू होता है, जिसके बाद फसल लगाने के लिए किसानों को पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में सिंचाई विभाग बैसाखी तक सफाई से लेकर मरम्मत के कार्यों को निपटाने की योजना में जुट गया है।
जिले में छोटी-बड़ी करीब दर्जन भर नहरें हैं। शहर के बीचोंबीच से होकर गुजरने वाली नहर इनमें महत्वपूर्ण है, जिसकी लंबाई 17 किलोमीटर है और यह 8463 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई को सुनिश्चित करती है। इस नहर के साथ लगभग 48 किलोमीटर लंबा कूहलों का नेटवर्क भी जुड़ा है। वहीं जिले में अन्य 14 छोटी नहरों की सफाई का काम भी इसी अवधि में किया जाता है।
सिंचाई विभाग की ओर से वर्तमान में क्लोजर के दौरान मरम्मत और सफाई कार्यों को लेकर एस्टिमेट तैयार किए जा रहे हैं। इसी सप्ताह इसे मंजूरी के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाएगा, जिसके बाद इनकी टेंडरिंग के बाद काम शुरू होगा। छह से सात जगह पर कठुआ नहर में मरम्मत का काम किया जाना है। इसके साथ ही डिसिल्टिंग और कूहलों की मार्डनाइजेशन का काम भी इसी अवधि में किया जाएगा।
-ब्रह्म ज्योति, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग