सुंदरबनी। सुंदरबनी के वार्ड 3 स्थित शक्ति संस्थान में नवरात्र के साथ ही चंडी यज्ञ का शुभारंभ हुआ है। इस यज्ञ में भाग लेने के लिए सुंदरबनी शहर के अलावा आसपास के विभिन्न गांवों से भक्त लगातार शक्ति संस्थान में पहुंच रहे हैं। सुश्री 1008 महामंडलेश्वर सुनीतानंद गिरि जी ने कहा कि जो भी भक्त मां चंडी के किसी भी रूप में उनकी पूजा करता है। वह संसार के समस्त भयों को जीत लेता है। त्रिवीध ताप युक्त संसार इनके उदर में स्थित है, इसलिए ये भगवती कुष्मांडा कहलाती है, ईषत हंसने से अंड को अर्थात ब्रह्मांड को जो पैदा करती है, वही शक्ति कुष्मांडा है। जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब इन्हीं देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी। ये ही सृष्टि की आदि-स्वरूपा, आदिशक्ति हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्र में लगातार मां काली के समक्ष ज्योति दीप जलाने से समस्त शत्रुओं का विनाश हो जाता है। इसके साथ-साथ शक्ति संस्थान सुंदरबनी में काशी से पधारे हुए विद्वान आचार्य गोविंद शास्त्री की ओर से देवी भागवत का पाठ किया जा रहा है। इस देवी भागवत के पाठ को श्रवण करने के लिए भी दर्जनों की संख्या में भक्तों की भीड़ शक्ति संस्थान सुंदरबनी में लगातार पहुंच रही है।
शक्ति संस्थान सुंदरबनी के प्रधानाचार्य विष्णु दास शास्त्री ने बताया कि शत चंडी यज्ञ के दौरान सुंदरबनी ही नहीं, बल्कि जम्मू कश्मीर के विभिन्न भागों से भक्तजन शक्ति संस्थान सुंदरबनी पहुंच रहे हैं और मां के विशेष 9 स्वरूपों की पूजा अर्चना करके अपने आप को कृतार्थ अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज भी मां भगवती के दर्शन और प्रवचनों के बाद भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। बहुत ही भक्तिमय माहौल में नवरात्रों का उत्सव शक्ति संस्थान सुंदरबनी में जारी है। यहां पर आए हुए भक्तों के लिए फलाहार तथा प्रसाद की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।