कठुआ। कृष्णा कॉलोनी स्थित श्री महाकालेश्वर शिवदुर्गा मंदिर में जारी श्रीमद्भागवत कथा में वीरवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। इस मौके पर बाल रूप श्रीकृष्ण की झांकी के दर्शन पाने के लिए भक्तों में काफी उत्साह देखा गया।
कथाव्यास पीयूष महाराज ने जैसे ही भगवान के जन्म की घोषणा की तो वहां हर्ष का वातावरण बन गया। इस दौरान कंस के कारागार से लेकर नंदबाबा के दरबार तक वासुदेव के आने की झांकी प्रस्तुत की गई तो उपस्थित भक्त भगवान के बाल रूप की भव्य झांकी का दर्शन पाकर मंत्रमुग्ध हो गया। इस दौरान पेश किए जाने वाले बधाई गीतों पर जहां भक्त झूमते दिखाई दिए, वहीं महाप्रसाद को पाने के लिए हर श्रद्धालु लालायित दिखा।
इस मौके पर कथा व्यास पीयूष महाराज ने कहा कि मनुष्य भक्ति रूपी आंख से ही परमात्मा को प्राप्त कर सकती है। सभी प्राणियों पर परमात्मा का समभाव रहता है। प्राणियों में निष्ठा और विश्वास है तो वह अपने सद्कर्म के बल पर उन्हें प्रत्येक जगहों पर प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रह्लाद की निष्ठा और भक्ति का ही परिणाम था कि हिरण्य कश्यप से उसकी रक्षा के लिए भगवान को नरसिंह रूप में खंभे से अवतार लेना पड़ा था, इसलिए हम भगवत कृपा को तभी प्राप्त कर सकते हैं, जब पूर्ण रूपेण उनकी शरण में चले जाएं।