कठुआ। शहर से सटे चन्नग्रां गांव स्थित बुआ दी बाई में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जारी है। यहां कथाव्यास भारत भूषण शास्त्री के प्रवचन सुनने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे है। शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के होने वाले मतदान के बावजूद कथा में काफी संख्या में भक्त मौजूद रहे। इस दौरान शास्त्री ने अपने मुखारविंद से भक्तों को परीक्षित की जन्म की कथा एवं परीक्षित ने जन्म लेकर संतों की सेवा करके अपने जीवन को सफल बनाया, इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित धार्मिक और संतों की सेवा करने वाले राजा थे। उनके ऊपर भी जब कलयुग ने वार किया तो वही परीक्षित जो संतों की सेवा करते थे, उन्होंने गलती से संत का अपराध कर दिया। तत्पश्चात उनको श्रृंगी ऋषि ने तक्षक नाग से डसने से सातवें दिन में मरने का का श्राप दिया लेकिन इसके बाद श्री शुकदेव महाराज ने आकर श्रीमद्भागवत कथा सुनाकर परीक्षित के जीवन को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण की कथा हमारे हर तरह के पापों का नाश करने वाली है। जिस तरह इस कथा के प्रभाव से राजा परीक्षित को स्वर्ग में वास मिला। उसी तरह से हमें भी भगवान के परमधाम में वास पाने के लिए इस कथा का श्रवण करना चाहिए।