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Kathua News: मिनी बस ऑपरेटरों ने की ई-रिक्शा पर लगाम लगाने की गुहार

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कठुआ। जिले में लगातार बढ़ रहे ई-रिक्शा से परेशान मिनी बस ऑपरेटरों ने कड़ा रोष जताया है। मंगलवार को उन्होंने कठुआ-घाटी, कठुआ-नन्नन और कठुआ-धन्नी बाख्ता के अपने रूट पर मिनी बसों का संचालन ठप कर दिया और एडीसी कठुआ रंजीत सिंह से मिलकर बिना रूट परमिट के दौड़ रहे ई-रिक्शा को लगाम लगाने की मांग की है। एडीसी ने आश्वासन दिया कि वह इस बारे में दो दिन के भीतर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी से बात कर समस्या का समाधान करवाने के प्रयास करेंगे।
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डीसी कार्यालय पहुंचे मिनी बस ऑपरेटरों में शामिल हीरा सिंह, सुखबीर सिंह, प्रीतम सिंह, सतपाल और नरेश शर्मा आदि ने अपनी समस्या साझा करते हुए कहा कि पहले कठुआ शहर में ई-रिक्शा चल रहे थे। लिहाजा उन्होंने कभी इसका विरोध नहीं किया, लेकिन अब तो स्थिति यह हो गई है कोई ऐसा रूट नहीं है, जहां ई-रिक्शा न चल रहा है। हद तो यह है कि ई-रिक्शा हाईवे पर भी सवारियों को लेकर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जो कि पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस पर न तो ट्रैफिक पुलिस कोई कार्रवाई करती है और परिवहन विभाग इसे रोकने के आगे आ रहा है। गांव, शहर, हाईवे और लिंक मार्ग पर ई-रिक्शा की बढ़ती तादाद उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान की ओर धकेल रही है।
वहीं, बृजनंदन सिंह ने बताया कि एक मिनी बस के दिन भर चलाने के बाद अब हालात ऐसे हो गए हैं कि कई बार मिनी बस के चालक और कंडक्डर की तनख्वाह भी निकाल पाना मुश्किल हो जाता है। बैंक से लिए गए लाखों कर्ज से ली गई मिनी बसों के ऑपरेटरों को अगर इसी तरह का नुकसान होता रहा तो आने वाले दिनों में वे इस कर्ज के नीचे दब कर रह जाएंगे। अपनी इसी समस्या का समाधान करने के लिए आज मिनी बस के ऑपरेटरों ने एडीसी कठुआ से मुलाकात की है। उन्होंने दो दिन का समय मांगा है। अगर इन दिनों में ई-रिक्शा को लगाम नहीं लगाई गई तो वे सभी रूट पर चलने वाली मिनी बसों को बंद करने के लिए मजूबर हो जाएंगे।
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