कठुआ। सुपर फास्ट बसों को शहर में प्रवेश न देने की मांग स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की है। वीरवार को डीसी राकेश मिन्हास से मिलने पहुंचे लोगों ने इस परेशानी को उठाया।
शिष्टमंडल में शामिल अमरीश जसरोटिया ने बताया कि शहर की आबादी बढ़ने के साथ वाहनों की संख्या में भी इजाफा हो चुका है। अब हाल ऐसा है कि शहर का कोई ऐसा घर नहीं जिसके पास आवागमन की सुविधा न हो। इसके अलावा लोगों को शहर में आने जाने के लिए हर गली, मोड़, चौक चौराहों पर ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध है। इसके बावजूद शहर में बसें चल रही हैं, जो हादसे का कारण बन रही है। इससे जाम की समस्या पैदा होे से लोगों को परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि शहर के कॉलेज रोड पारलीवंड आदि इलाकों में दौड़ने वाली इन बसों के कारण पिछले कुछ सालों में कई घरों के चिराग बुझ चुके हैं। लिहाजा तेज गति से चलने वाली इन भारी भरकम बसों का शहर में प्रवेश पूरी तरह से बंद किया जाना चाहिए, ताकि सड़क पर चलने वाले आम लोग सुरक्षित रह सकें।
वहीं, वरिष्ठ नागरिक मास्टर शिवनंदन ने कहा कि शहर में सड़कों की स्थिति अब बढ़ती आबादी के साथ इन बसों का बोझ उठाने में सक्षम नहीं है। लिहाजा अब इन बसों का शहर में प्रवेश बंद कर देना चाहिए। लोगों को इन बसों का लाभ देने के लिए स्टैंड शहर के बाहर कहीं ऐसी स्थान पर बनाया जाए। जहां से वह सीधा हाइवे पर जा सकें और शहर में लोग सुरक्षित रह सकें।
डीसी ने लोगों की बात सुनने के बाद उनकी मांग को जायज करार देते हुए जल्द इस पर कोई फैसला लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला पहले भी उनके संज्ञान में रहा है। लिहाजा अब वह इस मामले में संबंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर नई व्यवस्था की योजना तैयार करेंगे। इस मौके पर जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य मनिंदर पाल सिंह सौरभ, नवजोत सिंह, लालदीन मलिक, मंजीत सिंह, देवेंद्र सिंह, रविकांत शर्मा आदि मौजूद रहे।