कठुआ। जिले के जुथाना पुल का निर्माण कार्य अब आठ साल बाद पूरा होने की उम्मीद जग गई है। दो साल से ठप पड़े उक्त पुल का निर्माण एक बार फिर शुरू किया गया है लेकिन इस बार पुल का निर्माण जम्मू-कश्मीर परियोजना निर्माण निगम (जेकेपीसीसी) नहीं, बल्कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने शुरू करवाया है। इस पुल का निर्माण होने से जुथाना, लोअर जुथाना, धन्नी और लाहड़ी सहित छह पंचायतों की 25 हजार से अधिक की आबादी को लाभ पहुंचेगा। बता दें कि 2016 में जखोल से जुथाना के बीच में उज्ज दरिया पर बन रहे जुथाना पुल का काम कीड़ियां गंडियाल के पुल के साथ शुरू किया गया था। कीड़ियां गंडियाल का पुल बनकर तैयार हो चुका है लेकिन यह पुल आज तक अधर में लटका हुआ था। बताया जा रहा है कि इस पुल पर 50 करोड़ के करीब लागत आएगी। स्थानीय लोग इस पुल का निर्माण शुरू होने पर डॉ. जितेंद्र सिंह का आभार जता रहे हैं।
जान जोखिम में डाल पुल पार करते हैं लोग
मौजूदा हालात यह हैं कि लोग जान जोखिम में डालकर इसके अधूरे पिलर के डेढ़ फुट संकरी पट्टी पर चलते हैं, जो किसी भी सूरत में मौत के कुंए से कम नहीं है। रोजाना पुल पार करने वालों में स्कूली विद्यार्थी, कामकाजी लोग व स्थानीय व्यापारी हैं। एक अनुमान के मुताबिक रोजाना लगभग 200 स्कूली बच्चे और सैकड़ों ग्रामीण इसी रास्ते से होकर आवाजाही करते हैं। पहले जुुगाड़ लगाकर पुल पर चढ़ने के लिए लगाई लोहे की खड़ी सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं और फिर डेढ़ फीट के पिलर से पुल पार करना पड़ता है। कभी कभार आने वालों की यहां पहुंचकर सांसें अटक जाती हैं।
सीआरएफ के तहत शुरू करवाया था काम
केंद्रीय सड़क फंड्स (सीआरएफ) के तहत 30 करोड़ से इस परियोजना का काम निर्धारित किया गया, जो वर्ष 2016 में शुरू हो गया। आधे-अधूरे काम के बीच सीआरएफ बंद हो गया, जिसके बाद इसे लंबित परियोजनाओं में तब्दील कर दिया गया। अंधेरा ढलने के बाद ग्रामीणों का उज्ज के पार आना लगभग नामुमकिन हो जाता है तो वहीं सुबह स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर पुल पार करना पड़ता है।
कई पीढ़ियां पुल के इंतजार में चली गईं : पूर्व सरपंच
जखोल के पूर्व सरपंच बलवंत सिंह बताते हैं कि पुल पार की पंचायतों के मौजूदा हालात यह हैं कि लोग अपनी बेटियों की शादी इस ओर करने से परहेज करते हैं। अगर रिश्ता पक्का हो भी जाए तो शादी की सारी रस्में पुल के इस पार जखोल में ही करनी पड़ती थीं। गर्भवती और बीमार लोगों को पुल से पार करवाने में भारी दिक्कत आती है। कई पीढ़ियां पुल के इंतजार में चली गईं, लेकिन अब डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने इस मामले को आगे बढ़ाया और उम्मीद है कि इस बरसात से पहले इसका काम पूरा हो जाएगा। इसके अलावा डॉ. जितेंद्र सिंह ने मुई नाले पर पुल का काम करवाया। ये दोनों पुल इस इलाके में लोगों का जीवन सुगम बनाने में ऐतिहासिक कदम होगा।
जुथाना पुल का निर्माण रुका हुआ था। इसे अब जेकेपीसीसी की जगह पीडब्ल्यूडी बनाकर देगा। वर्तमान में इस पुल का 70 से 75 फीसदी काम हो चुका है। विभाग इस पुल का काम प्राथमिकता के आधार पर करवा रहा है। युद्धस्तर पर काम जारी है। जितनी जल्दी संभव हो सकेगा, काम पूरा करवाया जाएगा। -विकास बहल, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग