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Kathua News: पुल पर ओवरलोडिंग के जख्म, चालकों को दे रहे दर्द

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- 50 करोड़ से बना पुल छह साल में ही होने लगा जर्जर, सरिया बाहर निकल आया
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- सीमावर्ती क्षेत्रों को कोटपुन्नू के रास्ते नगरी और कठुआ से पंजाब को जोड़ने की अहम कड़ी है पुल
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के इलाकों को पंडोरी पुल नगरी से कठुआ और पंजाब के साथ जोड़ता है। ओल्ड सांबा-कठुआ मार्ग पर छह साल पहले बना यह पुल ओवरलोडिंग के जख्मों से आज कराह रहा है। पुल के बीच से सरिया बाहर निकल आया है और इस पर बने गड्ढे चालकों को दर्द दे रहे हैं।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उज्ज दरिया के पंडोरी पुल का उद्घाटन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वर्ष 2019 में किया था। 50 करोड़ की लागत से बने पुल की हालत बदतर हो गई है। पुल पर बने गड्ढों से वाहन हिचकोले खाते हुए गुजरते हैं। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) ने इस पुल का निर्माण करवाया था। जब भी संबंधित विभाग के अधिकारियों को कोई पुल की हालत से अगवत करवाता है तो लीपापोती कर गड्ढे भर दिए जाते हैं। दो से चार दिन बाद फिर वही हाल हो जाता है। ऐसे में वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। इस पुल से रोजाना 1000 से 1200 वाहनों की आवाजाही होती है। पुल के निर्माण कार्य की जांच की मांग को लेकर स्थानीय लोग कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
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पुल से सटे गांव कोटपुन्नू के पूर्व सरपंच विनय शर्मा ने बताया कि 20 जुलाई 2019 को पुल का उद्घाटन हुआ था। क्षेत्र में वैध और अवैध दोनों प्रकार के खनन ने इस पुल को बहुत नुकसान पहुंचाया। दिन-रात ओवरलोड वाहनों के गुजरने से इसकी हालत खस्ता हो चुकी है। बीआरओ को गुणवत्ता सहित अन्य पैमानों की जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। जब यह पुल बना था तो यह इलाके के लोगों के लिए बहुत बड़ी सौगात थी।
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पहले लोगों को कठुआ जाने के लिए करीब 38 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, लेकिन पुल बनने के बाद यह दूरी घटकर मात्र 10 किलोमीटर रह गई। इसी तरह, इस रूट से पड़ोसी राज्य पंजाब की दूरी भी कम हुई। मगर दुख की बात है कि करोड़ों की लागत से बना पुल छह साल में जर्जर होने लगा है।
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