पहले रक्त की आवश्यकता पर मरीज को ले जाना पड़ता था जिला मुख्यालय
यूनिट शुरू होने के बाद से यहां अब तक 39 बार चढ़ाया जा चुका है रक्त
बनी। बनी सब डिवीजन में रक्तदान यूनिट स्थापित होने के बाद कई बेशकीमती जानें बचाई जा सकी हैं। यह इलाका जिला मुख्यालय से 180 किलोमीटर दूर है। पहले रक्त की आवश्यकता होने पर मरीज को जिला मुख्यालय तक ले जाना पड़ता था। इसमें समय और संसाधनों की चुनौती रहती थी।
मगर, अब ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना से मरीजों को राहत मिली है। स्थानीय स्तर पर रक्त उपलब्ध होने से आपातकालीन स्थिति में तेजी से उपचार संभव हो रहा है। ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू होने से यहां अब तक 39 बार रक्त चढ़ाया जा चुका है। चांदल निवासी मोहम्मद यूनुस (65) पुत्र सलमान बट रक्त की गंभीर कमी से जूझ रहे थे। उनमें खून की मात्रा केवल 6 ग्राम रह गई थी। उन्हें बी पॉजिटिव रक्त चढ़ाया गया। चिकित्सकों की तत्परता और ब्लड स्टोरेज यूनिट की उपलब्धता के चलते समय रहते रक्त चढ़ने से उनकी जान बच सकी। इसके अलावा 38 और लोगों को रक्तदान चढ़ाया जा चुका है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ब्लड स्टोरेज यूनिट के शुरू होने से आपात स्थिति में मरीजों को राहत मिल रही है। उन्होंने लोगों से रक्तदान करने की अपील की। संवाद