- सदन के वेल से भाजपा विधायकों को मार्शलों की ओर से बाहर निकाले जाने पर फूटा गुस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर के आदेश पर सदन के वेल में प्रवेश करने वाले भाजपा विधायकों को मार्शलों द्वारा बाहर निकाले जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा।
शनिवार को पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शहर के मुखर्जी चौक में नेकां सरकार का पुतला जलाया और आरोप लगाया कि अनुच्छेद 370 बहाली का प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर अलगाववाद को हवा देने का प्रयास है। प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम नाथ डोगरा ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर विधानसभा में जिस तरह से भारत की संसद के फैसले के खिलाफ प्रस्ताव लाया जा रहा है, वह देशद्रोह है क्योंकि इस पर उच्चतम न्यायालय ने अपनी मुहर लगाई है। लिहाजा ऐसे प्रस्ताव को लाने वाले या उनकी वकालत करने वाले नेताओं की विधानसभा सदस्यता को खत्म कर देना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस को जयचंदों की पार्टी की संज्ञा देते हुए कहा कि यह वो लोग हैं जो अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए देश में अलगाववाद की आग लगाने वालों का समर्थन करने से भी पीछे नहीं रहे हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ऐसा नहीं होने देगी। राहुल देव शर्मा ने कहा कि विधानसभा में भाजपा के विधायकों की बात को सुने बिना उन्हें बलपूर्वक वहां से निकाला जाना लोकतंत्र की हत्या है, जिसका वह विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि नेकां सरकार को इसका जवाब देना होगा। क्योंकि पार्टी के 29 विधायक जनता ने चुनकर भेजे हैं और वह जनता के प्रतिनिधि हैं लिहाजा उन्हें भी वहां अपना विरोध दर्ज कराने का हक है। इस मौके पर डॉ नरेंद्र सिंह जसरोटिया, पुरुषोत्तम शर्मा, अक्षय भारती, इंदुरेखा प्रताप सिंह, राजेश मेहता, संजय कुमार, तिलक राज भगत, सुरेखा जम्वाल सहित कई अन्य नेता भी मौजूद रहे।