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Kathua News: उत्तर भारत के पहले बायोटेक पार्क में बायोनेस्ट इनक्यूबेटर का होगा शुभारंभ

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औद्योगिक बायोटेक पार्क कठुआ में स्टार्ट अप मीट को लेकर जानकारी देते हुए सीएसआईआर आईआईआईएम के नि
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उत्तर भारत के पहले इंडस्ट्रियल बायोटेक पार्क कठुआ में स्टार्टअप, किसानों, शोधकर्ताओं और नवाचार के लिए बड़ी सौगात मिलने वाली है। यहां बायोनेस्ट इनक्यूबेटर की स्थापना की जा रही है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह 27 अक्तूबर को करेंगे।
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सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन (आईआईआईएम) जम्मू द्वारा स्थापित यह इनक्यूबेटर, बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीआईआरएसी) और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है।
सीएसआईआर-आईआईआईएम के निदेशक डॉ. जबीर अहमद ने शुक्रवार को बायो इनोवेशन कनेक्ट एट कठुआ कार्यक्रम के कर्टन रेजर इवेंट के दौरान बताया कि यह इनक्यूबेटर क्षेत्रीय जैव नवाचार को सशक्त करने और बायो ई -3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) नीति के दीर्घकालिक प्रभाव को साकार करने की दिशा में एक उत्प्रेरक सिद्ध होगा।
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डॉ. अहमद ने बताया कि यह इनक्यूबेशन सेंटर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के नवाचारकर्ताओं, युवाओं, एग्री-उद्यमियों, प्रगतिशील किसानों और शोधार्थियों को प्रशिक्षण और सहयोग प्रदान करेगा। यह केंद्र एग्री-अरोमा उत्पादों, फाइटोफार्मास्युटिकल्स, प्राकृतिक उत्पादों और जैव-आधारित नवाचारों पर केंद्रित होगा।
नुस्खों का होगा प्रमाणन, उत्पादों को मिलेगी विश्वसनीयता:
कठुआ बायोटेक पार्क में स्थापित हो रहा बायोनेस्ट इनक्यूबेटर, स्थानीय नवाचारकर्ताओं और किसानों को एक बड़ी सुविधा देगा। अब वे अपने पारंपरिक और वैज्ञानिक नुस्खों का प्रमाणन करवा सकेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार पार्क की आधुनिक प्रयोगशालाएं और वैज्ञानिक मार्गदर्शन उत्पादों को बाजार में मान्यता और विश्वसनीयता दिलाएंगे।
अरोमा मिशन को नई दिशा:
यह पहल औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने वाली राष्ट्रीय पहल अरोमा मिशन को वैज्ञानिक आधार और व्यावसायिक विस्तार देगी। कठुआ, सांबा, उधमपुर और आसपास के क्षेत्रों में पहले से हो रही अरोमा फसलों की खेती के उत्पादों को अब प्रमाणित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रस्तुत किया जा सकेगा।
यह इनक्यूबेटर युवाओं और स्टार्टअप को मेंटरशिप, नेटवर्किंग और प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करेगा, जिससे जम्मू-कश्मीर जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित हो सके। छह स्टार्टअप इस इनोवेशन कनेक्ट कार्यक्रम की शुरूआत में जुड़ने के लिए पहले ही रुचि दिखा चुके हैं।
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