कावड़ लेकर बिलावर पहुंचे सुखविंदर सिंह का स्वागत करते लोग। संवाद
लोगों ने कांवड़ भरकर लाने वाले सुखविंदर सिंह का किया स्वागत, 383 किलोमीटर की यात्रा
बिलावर। हरिद्वार से लगभग 383 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर पहली बार कांवड़ बिलावर के बिल्केश्वर महादेव मंदिर पहुंचा। पूरा कस्बा बम भोले के जयघोष से गूंज उठा।
14 दिन में पैदल यह यात्रा पूरी कर हरिद्वार से कांवड़ भरकर लाने वाले स्थानीय सुखविंद्र सिंह का लोगों ने फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया।
सावन माह में हरिद्वार से पवित्र गंगाजल बिलावर में पहुंचने पर क्षेत्र के लोगों ने भी इसे ऐतिहासिक पल माना। वीरवार को बिल्केश्वर महादेव मंदिर में भोला बाबा का गंगाजल से अभिषेक किया गया। अनुष्ठान के बाद भक्तों में प्रसाद भी वितरित किया गया। सावन माह की कांवड़ यात्रा में सुखविंदर सिंह हरिद्वार से अकेले गंगाजल भरने के लिए बिलावर से गए और वहां से 14 दिन पैदल चलकर वीरवार को बिलावर कस्बे में पहुंचे।
अलग-अलग स्थानों पर सुखविंदर सिंह का स्वागत किया गया। सुखविंदर सिंह ने कहा कि कांवड़ उठाना धार्मिक आस्था ही नहीं सनातन धर्म की पहचान है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का उद्देश्य सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था को हर हिंदू के घर-घर तक पहुंचना है।