लोगों में गुस्सा, शहर के जराई चौक को जाम कर पुलिस और जिला प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन
कठुआ-कीड़ियां गंडयाल मार्ग पर मंगलवार देर रात हुआ हादसा
कठुआ। कठुआ-कीड़ियां गंडयाल मार्ग पर मंगलवार देर रात बेलगाम टिप्पर ने बाइक सवार को चपेट में ले लिया है। उपचार के दौरान बाइक सवार की मौत हो गई।
मृतक की पहचान हरप्रीत सिंह (40) पुत्र कुलवीर सिंह निवासी वार्ड 12 कठुआ के रूप में हुई है। पेशे से ट्रक ड्राइवर की मौत से घर का एकमात्र सहारा छिन गया है। हादसे के बारे में सामाजिक कार्यकर्ता विनोद कुमार शिंदा ने बताया कि रात करीब 9 बजे के बाद जब बाइक सवार कीड़िया-गंडयाल से कठुआ की ओर आ रहा था तो भागथली के पास विपरीत दिशा से आ रहे टिप्पर चालक ने उसे चपेट में ले लिया और करीब 100 मीटर तक घसीटता चला गया। इसके बाद गंभीर अवस्था में उसे से जीएमसी कठुआ पहुंचाया गया। लेकिन सिर में लगी गंभीर चोटों के कारण उसकी हालत को काफी नाजुक देखते हुए परिजन उसे पंजाब के निजी अस्पताल में ले गए। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
एक सप्ताह के बाद इस तरह के दूसरे हादसे के बाद बुधवार को लोगों ने जराई चौक को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन, जिला खनन विभाग, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि शहर के बीचोबीच से टिप्परों को निकलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। कई बार मांग करने के बावजूद तेज गति से चलने वाले ओवरलोड टिप्परों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। लोगों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल निखिल शर्मा ने कहा कि शहर के बीचोबीच ओवरस्पीड टिप्परों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे लोगों का निकलना दूभर हो गया है। मगर प्रशासन व संबंधित विभागों की आंखें बंद हैं। आए दिन लोगों की मौत हो रही है।
राजेश कुमार ने कहा कि बेलगाम टिप्परों से लगातार हो रहे हादसों के कारण अब तो सामने आने वाला टिप्पर साक्षात यमराज दिखाई देने लगा है। इससे कब बड़ा हादसा हो जाए कुछ पता नहीं है। बीती रात हुई घटना के दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस सिर्फ मशक्कत करती दिखाई दी कि घटना को अंजाम देने वाले टिप्पर को कैसे लोगों के बीच से सुरक्षित निकाला जा सके।
इस बीच कठुआ थाना से आई पुलिस टीम ने सड़क को जाम कर बैठे लोगों से मार्ग को खोलने की अपील की। मगर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आए दिन होने वाली इस तरह की घटनाओं को अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। जब तक उनके इस रूट पर टिप्परों की आवाजाही को बंद नहीं किया जाता है लोग मार्ग से नही हटेंगे। बार-बार मांग किए जाने के बाद लोगों की आवाज को सुना नही जा रहा है।