कठुआ। तापमान और उमस ने जिले में बिजली संकट को बढ़ा दिया है। आलम यह है कि बारिश न होने से सेवा दरिया का जलस्तर कम चुका है, वहीं बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीच एनएचपीसी संचालित सेवा दो पावर स्टेशन में रात के समय होने वाला बिजली उत्पादन भी बंद हो गया है। इसकी वजह से कठुआ जिले में बिजली संकट गहरा गया है।
विभाग की ओर से पीक समय पर 250 मेगावाट तक बिजली की सप्लाई फिलहाल की जा रही है। बावजूद इसके यह नाकाफी साबित हो रही है। ओवरलोड चल रहे हीरानगर ग्रिड से बिजली की अघोषित कटौती भी अब विभाग के लिए मजबूरी बन गई है। उधर, निचले स्तर पर फीडरों का हाल भी बुरा है। शहर के तमाम फीडर ओवरलोडिंग से हांफ रहे हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि बिजली के ट्रांसफार्मरों पर लोड की वजह से लगातार फ्यूज क्षतिग्रस्त होने का सिलसिला भी दिन-रात लगातार जारी है। खासतौर पर विभाग के जिन लाइनमैन पर एक साथ कई कई ट्रांसफार्मरों की जिम्मेदारी है, उन्हें अब देर रात तक ड्यूटी देनी पड़ रही है।
दरअसल जिले के दूर दराज पहाड़ी सब डिवीजन बनी में सेवा जल विद्युत परियोजना 120 मेगावाट की है। पानी की उपलब्धता हो तो परियोजना से लगातार बिजली कठुआ जिले को हासिल होती रहती है। तीन की जगह दो टरबाइन भी चलें तो 80 मेगावाट तक बिजली सेवा परियोजना से ही हासिल हो जाती है लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि सेवा दरिया में जलस्तर की कमी के चलते एक ही टरबाइन पीक लोड पर चल पा रही है। सोमवार की रात 11 बजे अचानक गुल हुई बिजली देर रात डेढ़ बजे तक बहाल हुई।
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पांच हजार से 10 हजार पहुंची एसी की खरीद
दिन में भारी वोल्टेज ड्रॉप, काम नहीं कर रहे बिजली उपकरण
उमस और भीषण गर्मी के बीच हांफ रहे बिजली ढांचे की हालत यह है कि वोल्टेज में उतार चढ़ाई दिन के समय बेहद बढ़ गया है। आम तौर पर बरसात के मौसम में पंपसेट चलने पर ऐसी नौबत आती थी। लगातार वोल्टेज गिरने से व्यापारी भी परेशान हैं। इस बार शिद्दत से पड़ी गर्मी ने लोगों को एसी की खरीद के लिए भी मजबूर कर दिया। कंडी से लेकर अंदड़ के इलाकों में एसी की भारी खरीद दर्ज की गई है। इलेट्रॉनिक्स व्यापार ने जमकर चांदी कूटी है। एक व्यापारी ने बताया कि कठुआ जिले में पांच हजार एसी की गर्मी के सीजन में खरीद होती रही है लेकिन इस बार सारे रिकार्ड टूट गए हैं। दस हजार से ज्यादा एसी एक महीने के भीतर ही बिके हैं। तीन महीने के सीजन में अब तक बाजार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भारी मांग के बीच काम कर रहा है। एसी के अलावा कूलर भी जमकर बिक रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि स्टॉक भी कई जगह पर पूरा नहीं हो पा रहा है।
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सेवा परियोजना से अमूमन इन दिनों में रात के समय भी बिजली उपलब्ध होती रही है। लेकिन सोमवार देर रात 11 बजे अचानक बिजली बंद हो गई। लिहाजा रात 11 बजे पूरे जिले की बिजली गुल हुई। ग्रिड के ट्रिप करने के बाद इसमें बिजली बहाल करने में ही समय लग गया। बारिश का दौर शुरू होने पर दरियाओं में जलस्तर बढ़ने पर बिजली उत्पादन बेहतर होने से ही बिजली की भारी मांग से निपटा जा सकता है। लोगों से भी अपील है कि बिजली का सदुपयोग करें।
-मदन लाल भगत कार्यकारी अभियंता, एसटीडी विंग
बिजली विभाग