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बसोहली मैराथन: 21 किमी में उधमपुर के रविदास ने मारी बाजी

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बसोहली मैराथन में भाग लेते प्रतिभागीजागरूक पाठक
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मैराथन प्रतियोगिता के साथ बसोहली उत्सव वीरवार को संपन्न हो गया। अटल सेतु से शुरू हुई मैराथन में चार सौ धावकों ने दम दिखाया। चार श्रेणियों में आयोजित मैराथन के 21 किमी दौड़ में उधमपुर के रविदास ने प्रथम स्थान हासिल किया। जबकि 10 किमी में पुरुष वर्ग में जम्मू के प्रकाश चंद्र पहले स्थान पर रहे।
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सुबह बसोहली के प्रतिष्ठित अटल सेतु से शुरू हुई मैराथन प्रतियोगिता में खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों के बीच जबरदस्त उत्साह रहा। चार श्रेणियों में आयोजित मैराथन के 21 किलोमीटर में उधमपुर के रवि दास ने पहला स्थान प्राप्त कर 25 हजार की साइकिल इनाम में जीती। दूसरे स्थास्पर पठानकोट के अमित कुमार और तीसरे स्थान पर धार कलां पठानकोट के संजय कुमार रहे। इनको क्रमश: सात हजार और पांच हजार की राशि से सम्मानित किया गया। वहीं इसी श्रेणी में जवाहर नवोदय विद्यालय बसोहली की छात्रा दीपाक्षी को बेहतर प्रदर्शन के लिए 25 सौ की नकद राशि से सम्मानित किया गया। 10 किमी मैराथन पुरुष वर्ग में जम्मू के प्रकाश चंद्र को पहला, नितीश मोट्टन को दूसरा और जम्मू के विशाल को तीसरा स्थान मिला। इसी क्षेणी के महिला वर्ग में जम्मू की शमशाद बानो और पूनम कुमारी व मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा ज्योति ने क्रमश: पहले तीन स्थान हासिल कर उपलब्धि अपने नाम की।

अटल सेतु से ऐतिहासिक रामलीला मैदान तक मैराथन
बता दें कि 21 किलोमीटर मैराथन की शुरूआत अटल सेतु से शुरू होकर बरमार गला तक और वापस ऐतिहासिक रामलीला मैदान में पहुंचर संपन्न हुई। वहीं 10 किमी मैराथन अटल सेतु से पुरथू तक और वापस रामलीला मैदान, पांच किमी मैराथन महादेरा मंदिर से होते हुए रामलीला मैदान तक और दो किमी अटल सेतु से बारला चौगान होते हुए रामलीला मैदान में समाप्त हुई।
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इससे पहले मैराथन का शुभारंभ मुख्य अतिथि बसोहली के विधायक दर्शन सिंह, जिला उपायुक्त राजेश शर्मा, एंटी करप्शन ब्यूरो के निदेशक शक्ति पाठक ने अटल सेतु पर हरी झंडी दिखाकर किया। प्रतिभागियों की हौसलाआफजाई करते हुए विधायक ने बसोहली मैराथन को उत्सव का अभिन्न अंग बताया। युवाओं से अपील की कि वे अपनी विरासत पर गर्व करें और इस प्रकार के आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। जिला उपायुक्त शर्मा ने कहा कि बसोहली उत्सव केवल कला, संस्कृति और परंपरा का उत्सव नहीं, बल्कि खेल भावना, फिटनेस और सामुदायिक भागीदारी का भी प्रतीक बन गया है। शक्ति पाठक ने बसोहली उत्सव की आयोजन समिति, प्रतिभागियों और स्वयंसेवकों की सराहना की।
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