शोभायात्रा में शिवभक्तों के बीच धार्मिक उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला
बनी। कांथल पंचायत के चौरी में निर्माणाधीन शिवमंदिर में स्थापित किए जाने वाले कलश के साथ कस्बे में शोभायात्रा का आयोजन किया गया। रामलीला ग्राउंड बनी से लेकर चौरी शिव मंदिर तक कलश और ध्वजा की निकाली गई। इस भव्य शोभायात्रा में शिवभक्तों के बीच धार्मिक उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
रविवार सुबह पूरे श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक धार्मिक परंपराओं के साथ शुरू शोभायात्रा की शुरुआत रामलीला ग्राउंड से हुई। इसमें विशेष रूप से सजाए गए वाहन पर कलश और ध्वजा को रखा गया। यात्रा में शामिल भक्त पैदल गुरु रविदास मंदिर पहुंचे जिसके बाद वाहनों से प्राचीन शिव मंदिर के लिए रवाना हुए। इस पावन यात्रा में दर्जनों श्रद्धालुओं ने भाग लिया जो जयकारों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के मधुर सुरों के साथ आगे बढ़ते रहे। पूरे रास्ते में धार्मिक संगीत ने श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना कर दिया।
इस अवसर पर शिव मंदिर चाैरी ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक लाल ने कहा कि यह यात्रा हमारे श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान शिव के प्रति प्रेम का प्रतीक है। हम हर साल इसे और अधिक व्यवस्थित और भव्य रूप से आयोजित करने का प्रयास करते हैं।
हर-हर महादेव के जयकारों से माहाैल हुआ भक्तिमय
पूरे बनी क्षेत्र में इस शोभायात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने फूलों से सजे रथों, ध्वजा और कलश के साथ भगवान शिव के जयकारे लगाए और वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शिव मंदिर चौरी में यात्रा के समापन पर पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी भक्तों ने भाग लिया।
धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी शोभायात्रा
शोभायात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता और संस्कृति का उत्सव भी बन गई। सभी लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया और भगवान शिव की कृपा प्राप्त की।