बसोहली। 22 अप्रैल 2022 को जम्मू के सुंजवां इलाके में दो फिदायीन आतंकियों को ढेर करने वाले सीआईएसएफ के जवानों को राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इनमें जम्मू कश्मीर के बसोहली उपजिले के दूरदराज माश्का गांव के कांस्टेबल राजेश कुमार भी शामिल हैं।
आतंकियों ने प्रधानमंत्री के दौरे से पहले गश्त पर जा रहे जवानों की बस पर घात लगाकर हमला किया था। इसमें नौ जवान घायल हुए थे, जबकि एक एएसआई बलिदान हो गए थे। बलिदानी एएसआई एसपी पटेल को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
इन जवानों में से एक क्षेत्र के कांस्टेबल राजेश कुमार की वीरता और उन्हें मिले पुरस्कार पर आज बसोहली और खासकर माश्का में उनके परिवार और क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। बकौल राजेश कुमार 22 अप्रैल 2022 की सुबह तीन बजकर चालीस मिनट का समय था। छत्तीसगढ़ से उनके दल को जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था की विशेष ड्यूटी पर तैनात किया गया था। रूटीन की ही तरह बठिंडी के चाटा इलाके से उनका वाहन गुजर रहा था। इसी बीच पास की इमारत पर घात लगाकर बैठे आतंकी ने पहले जहां यूबीजीएल दागा। इससे वाहन न्यूट्रल होकर बिजली के ट्रांसफार्मर से जा टकराया। चालक जान बचाकर भाग निकला। वहीं हमला होते ही जवानों ने मोर्चा संभाल लिया। सुबह साढ़े चार बजे तक चली जवाबी कार्रवाई में दोनों आतंकियों को ढेर कर दिया गया लेकिन इसमें सीआईएसएफ की बस में सवार दस जवानों में से एक एएसआई शहीद हो गए। राजेश ने बताया कि वे 2017 में सीआईएसएफ में शामिल हुए थे और इन दिनों मध्य प्रदेश में ड्यूटी कर रहे हैं। पुरस्कार के संबंध में उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व का पल है।