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Kathua News: पारा चढ़ने के साथ ही बढ़ेगी आगजनी, विभाग ने कसी कमर

Thu, 03 Apr 2025 12:37 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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कठुआ ​स्थित फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज स्टेशन। संवाद - फोटो : kathua
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साल 2023-24 में 132 आगजनी से 12 करोड़ से अधिक का हुआ था नुकसान
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कठुआ। गर्मी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है। गर्मी में हर साल जिले में होने वाले करोड़ों के नुकसान को देखते हुए फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग ने कमर कस ली है। इसके लिए जिले में विभाग के कर्मचारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

2621 वर्ग किलोमीटर वर्ग में फैले जिले में बसने वाली 7.5 लाख की आबादी की आगजनी से सुरक्षा के लिए सात फायर टेंडर की व्यवस्था है। इनमें से चार कठुआ जिला मुख्यालय और तीन हीरानगर में तैनात हैं। इसके लिए विभाग के पास 33 कर्मचारी मौजूद हैं, जिन्हें 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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पिछले कुछ साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो जिले में आग लगने की घटनाओं में करोड़ों की संपत्ति राख हो चुकी है। विभाग ने लोगों से सजग रहने की अपील की है। विभाग के अनुसार तापमान के बढ़ने के साथ जिले में फसलों को लगने वाली आग के साथ जंगलों और अन्य कई प्रकार की आगजनी तेजी से बढ़ेगी। इससे निपटने के लिए विभाग के पास इंतजाम सीमित हैं। संवाद

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पिछले पांच साल में हुई आगजनी और नुकसान

साल घटनाएं नुकसान 2019-20 274 1 करोड़ 1 लाख 40 हजार
2020-21 133 1 करोड़ 44 लाख 27 हजार
2021-22 269 1 करोड़ 33 लाख 32 हजार
2022-23 281 8 करोड़ 35 लाख 65 हजार
2023-24 132 12 करोड़ 42 लाख 26 हजार


जरूरत से कम हैं संसाधन

एक फायर टेंडर पर लगभग एक दर्जन कर्मचारियों की जरूरत होती है। मौजूदा समय में 33 कर्मचारियों पर आग बुझाने की जिम्मेदारी है। कठुआ फायर स्टेशन में चार फायर टेंडरों के लिए 19 और हीरानगर में तीन फायर टेंडरों के लिए 14 कर्मचारी हैं। इसके अलावा कठुआ और हीरानगर के फायर टेंडरों की सेवाएं ही जिले की तीन पहाड़ी तहसीलों में होने वाली आगजनी के दौरान ली जाती है। हालांकि जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में आग लगने के बाद जब तक फायर टेंडर मौके पर पहुंचते हैं तब तब सब कुछ जलकर राख हो चुका होता है।
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कोट

जिले में आग से निपटने के लिए जरूरत से कम संसाधन हैं। मगर मौजूदा ढांचागत सुविधा से ही आगजनी से निपटना होगा। इसके लिए विभाग के कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया है। फायर सेफ्टी वीक के दौरान लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
- राज कुमार रैणा, सहायक निदेशक फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज
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