राज्य के प्रवेशद्वार से सटे बंसतपुर इलाके में भारी ओलावृष्टि ने आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। शाम पांच बजे तेज बारिश के साथ बड़े-बड़े आकार के ओले बरसना शुरू हो गए।
स्थानीय लोगों के अनुमान के अनुसार पचास-पचास ग्राम के ओले गिरे हैं। जिले के पहाड़ी इलाकों में भी आंधी और ओलावृष्टि ने बागवानी को भारी नुकसान पहुंचाया है। कोटी चंडियार, बांजल, मनधार, जोड़ेयां पर्वत सहित लोहाई मल्हार के इलाकों में भी भारी ओलावृष्टि हुई है।
विशेषज्ञों की मानें तो कोटी चंडियार में इलाके के मशहूर गोल्डन सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। आलू बुखारा, नाशपाती, अखरोट पर भी कहर बरपा है। जिले के निचले इलाकों में लीची और आम की फसल प्रभावित हुई है।
वहीं, चार दिन से लगातार आग उगल रहे सूरज का प्रकोप शुक्रवार को सुबह सात बजे से ही शुरू हो गया था। सुबह दस बजे से ही पारा सामान्य तापमान से ऊपर चला गया।
अधिकतम तापमान 42 डिग्री ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया। शाम करीब पांच बजे मौसम ने अचानक करवट बदली। आसमान पर बादल घिर आए। शहर में तेज आंधी के बीच हलकी बारिश शुरू हो गई। 45 मिनट तक मौसम पूरी तरह बदला रहा। कठुआ शहर के आसपास भी हलकी ओलावृष्टि हुई। हालांकि, बिलावर इलाके में देर रात तक बारिश या आंधी की कोई खबर नहीं थी।