आपदा प्रभावितों में राहत सामग्री वितरित करती सेना सेना
जिले के कंडी और मैदानी इलाके में बादल फटने के बाद आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त गांवों के सेना राहत की किरण बनकर सामने आई है। जहां सेना कंडी इलाके हटली क्षेत्र के गांव ढिलवां और बिज्जत गांव में सेना की राइजिंग स्टार कोर के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जेसीबी मशीनों और श्रम शक्ति से न केवल सड़कों को बहाल किया, बल्कि पीड़ित परिवारों को भी हरसंभव मदद मुहैया करवाई। वहीं, मैदानी इलाके में बाढ़ में डूबे तरफ मंजली, पराला, जैमलपुर गांव के लोगों के लिए देवदूत बनकर राहत पहुंचाई है। सेना ने लगातार दो दिनों तक दिन रात जेसीबी मशीनों से इलाकों में काम कर रास्तों को साफ किया, सड़कों और घरों में भरे मलबे को हटाया और वहां रास्ते बनाए जहां बाढ़ से सभी रास्ते तबाह हो चुके थे, ताकि राहत सामग्री लोगों तक पहुंच पाए।
सेना के अधिकारी के मुताबिक, लगभग 200 परिवारों के 650 से ज्यादा लोगों के जीवन को बदल में अहम भूमिका निभाई है। सेना हर उस दरवाजे तक पहुँची जहां भोजन, साफ पीने का पानी और बच्चों के लिए खाने पीने की जरूरत थी। सेवा के जवान इन इलाकों में तब तक डटे रहे जब तक बाढ़ का पानी पूरे तरीके से नहीं निकल पाया, जो सेना की जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और सेवा की भावना को दर्शाती है। सेना के अधिकारियों का कहना है कि उनके सभी संसाधन तैयार रहते है। जहां रास्ते खत्म होते हैं और निराशा शुरू होती है, वहीं, से सेना का कार्य शुरू होता है।