जखोल क्षेत्र के पलैल इलाके में ईसाई धर्म प्रचारकों के साथ हुई मारपीट की घटना पर कठुआ के ईसाई समुदाय ने कड़ा रोष जताया है। शनिवार को शहर के पारलीवंड स्थित बेरश्वा चर्च में जमा हुए समुदाय के लोगों ने इसके खिलाफ जोरदार नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में शामिल सोमराज ने घटना पर रोष जताते हुए कहा कि इस घटना में जिस प्रकार से एक धर्म विशेष को निशाना बनाया गया है, वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार सभी को अपने धर्म को मानने और उसका प्रचार करने की आजादी है। गत दिनों ईसाई समुदाय के लोग गांव में सत्संग करने के लिए गए थे। अगर वह वहां गए थे तो किसी के आमंत्रण पर गए थे न कि जबरन किसी का धर्म परिवर्तन करवाने गए थे।
अशोक कुमार ने कहा कि इस घटना में पुलिस की भूमिका भी अच्छी नहीं थी। उन्होंने गुंडा तत्वों का साथ देकर पास्टर व अन्य लोगों पर जानलेवा हमला करवाया है। इस मामले में एसएसपी कठुआ ने हालांकि कार्रवाई करते हुए पुलिस कर्मियों को निलंबित किया है जो कि सराहनीय है, लेकिन गुंडा तत्व आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। लिहाजा उन्हें भी कानून के शिकंजे में कसा जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। प्रदर्शन करने वालों में प्रदीप अंबेडकरी, पास्टर इकबाल, पास्टर पवन, पास्टर नरेश, दानिश चीदा, एबीनेस अभी सहित कई अन्य भी मौजूद रहे।