एससी/एसटी/ओबीसी अंबेडकर विचार मंच ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले पर रोष जताया है। संगठन ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के उपकुलपति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मंच ने कहा है कि राजनीतिक दबाव के चलते हुए इस पूरे मामले में सख्ती नहीं दिखाई जा रही, जिसकी वे निंदा करते हैं।
जम्मू-कश्मीर एससी/एसटी/ओबीसी अंबेडकर विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व विधायक ध्यानचंद ने इस पूरे प्रकरण की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि एक दलित छात्र और उसके सहयोगियों को विश्वविद्यालय से बाहर का रास्ता दिखाया गया, इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि वेमुला अंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन से जुड़े हुए थे।
इससे जुड़े सभी लोग अंबेडकर के विचारों को मानते थे। ऐसे में उनका हास्टल से निकाला जाना शर्मनाक है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान की आज धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
दलितों के साथ इस तरह के व्यवहार को कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। इस अवसर पर चेयरमैन रतनचंद करोत्रा, सचिव बाबूराम भगत, हंसराज, सोमराज आदि उपस्थित थे।