पिछले तीन वर्ष से अधर में लटके केंद्रीय विद्यालय की नई इमारत कानिर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में अगले अकादमिक वर्ष में नई इमारत में कक्षाएं लगाने का सपना देख रहे बच्चों को एक साल ओर इंतजार करना होगा।
अगले एक साल तक केवी में विद्यार्थियों की संख्या में भी कोई इजाफा नहीं होगा। गौरतलब है कि पिछले बारह वर्षों से केवी महात्मा गांधी जच्चा बच्चा अस्पताल की इमारत के एक हिस्से में चल रहा है। वर्तमान में विद्यार्थियों के पास न तो पर्याप्त क्षेत्रफल में खेल मैदान है और न ही कमरे।
जिसके कारण विद्यार्थियों की संख्या का कोटा पिछले कई सालों नहीं बढ़ाया गया है। वहीं जिला के कई परिवारों की अपने बच्चों को केवी में पढ़ाने की इच्छा इसलिए भी दब जाती है क्योंकि न तो विद्यार्थियों के कोटे को बढ़ाया गया और न ही स्कूल को अपग्रेड किया गया।
ऐसे में पिछले कई वर्षों से स्कूल दसवीं तक ही है और बारहवीं तक की शिक्षा ग्रहण के लिए केवी के बच्चों को केवी को छोड़कर किसी निजी स्कूल या फिर सीबीएसई को छोड़कर जेके बोर्ड की शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है।