हीरानगर। भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी के पार जमीन को 18 वर्षों बाद फिर से खेती लायक बनाने के लिए प्रशासन जुट गया है। अब तक करीब 700 कनाल जमीन को सरकंडा और झाड़ियां हटाकर खेती लायक बनाया जा चुका है।
15 सितंबर को मनियारी पोस्ट के नजदीक जिला प्रशासन ने बीएसएफ के सहयोग से यह काम शुरू कराया। डीसी कठुआ ओपी भगत और बीएसएफ के सीओ सत्येंद्र गिरी की देखरेख में बख्तरबंद चार ट्रैक्टर लगाकर यह काम शुरू कराया गया। वर्षों तक यहां पर खेती न होने के कारण बड़ी-बड़ी झाड़ियां, सरकंडे साफ करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। फिलहाल यहां बीएसएफ के ट्रैक्टर ही काम कर रहे हैं। जिस दिन काम शुरू कराया गया था, उस दिन प्रशासनिक व बीएसएफ के अधिकारियों ने किसानों से भी यहां आकर काम करने की अपील की थी। अभी तक करीब 700 कनाल जमीन को साफ कर खेती लायक बनाया जा चुका है और आगे का काम जारी है। किसानों के अनुसार हीरानगर सेक्टर में तारबंदी के आगे करीब 9000 कनाल जमीन है।
प्रशासन की ओर से लगाई पहली फसल होगी किसानों की
तारबंदी के आगे की जमीन को खेती लायक बनाने के बाद प्रशासन की ओर से लगाई गई पहली फसल सीमावर्ती किसानों को दे दी जाएगी। इसके बाद किस किसान की कितनी जमीन है इसकी निशानदेही का काम राजस्व विभाग शुरू करेगा। यह काम पूरा होने के बाद अगली फसल के लिए किसान खुद अपने खेतों में जाकर खेती करेंगे। इस इलाके में कौन सी फसल की अच्छी पैदावार होगी इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों की भी समय-समय पर राय ली जाएगी।
पाकिस्तान नहीं चाहता किसान अपने खेतों में कर सकें काम
18 वर्ष बाद सीमावर्ती किसान फिर अपने खेतों में खेती कर सकें यह पाकिस्तान को यह रास नहीं आ रहा। पाकिस्तान नहीं चाहता कि किसान अपने खेतों में मेहनत कर अपना गुजारा कर सकें। मनियारी के इलाके में तारबंदी के आगे खेती लायक जमीन तैयार करने का काम चल रहा है। पिछले सप्ताह इसी इलाके में तीन बार पाकिस्तानी ड्रोन देखे जा चुके हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान यहां हो रही हलचल की जानकारी जुटाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहा है। इस इलाके में वीरवार, शुक्रवार और शनिवार शाम को पाकिस्तान के ड्रोन उड़ते देखे गए थे। सुरक्षाबलों ने जब इन पर गोलियां चलाईं तो ड्रोन वापस लौट गए।
किसानों की सुरक्षा के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। 15 सितंबर से तारबंदी के आगे शुरू खेती के लिए जमीन तैयार करने का काम लगातार जारी है। किसान भी अपने ट्रैक्टर लेकर यहां खेती कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल कोई किसान यहां नहीं आया है। चार बख्तरबंद ट्रैक्टर की मदद से हमारे जवान ही जमीन को साफ करने का काम कर रहे हैं। अभी तक करीब 700 कनाल जमीन को खेती के लिए तैयार कर दिया गया है। किसान भी इसमें हिस्सा लें तो यह काम और भी तेजी से हो सकता है।
- सत्येंद्र गिरी, सीओ, बीएसएफ