- फर्नीचर की उपलब्धता न होने से ब्लॉक विकास परिषद बरनोटी का नवनिर्मित भवन कार्यात्मक नहीं हो पाया
गोल्डी शर्मा
कठुआ। ग्रामीण विकास और बेहतर प्रशासनिक सेवाएं देने के उद्देश्य से बनाए गए ब्लॉक विकास परिषद बरनोटी का भवन उद्घाटन के एक साल बाद भी कार्यात्मक नहीं हो पाया है। पिछले एक साल से इमारत के गेट पर ताला लटका हुआ है।
अब तो नवनिर्मित इमारत का रंग भी फीका पड़ना शुरू हो गया है। संबंधित विभाग इसे कार्यात्मक बनाने में हो रही देरी के लिए अपने ही विभाग के अलग-अलग विंगों पर जिम्मेदारी डाल रहा है। 80 लाख रुपये से ज्यादा की लागत से बने इस भवन में बीडीसी अध्यक्ष के दफ्तर के साथ संबंधित ब्लाक के बीडीसी सदस्यों के कार्यालय का भी प्रबंध किया गया है। 67 लाख रुपये विकास परिषद के दफ्तर का ढांचा तैयार करने पर खर्च हुए हैं, जबकि सात लाख से इमारत में बिजली का व्यवस्था की गई।
वहीं, 10 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित इमारत में बने बीडीसी के अध्यक्ष, सदस्यों और अधिकारियों के दफ्तरों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था की जानी थी, जो अभी तक खरीदा ही नहीं गया। दावा किया जा रहा है कि फर्नीचर की खरीदारी के लिए संबंधित विभाग के ग्रामीण इंजीनियरिंग विंग को लिखा जा चुका है। लेकिन दुर्भाग्य से उद्घाटन के एक साल बीत जाने के बाद बिना फर्नीचर के भवन विभाग के किसी भी काम नहीं आ रहा।
ब्लाक विकास अधिकारी बरनोटी के दफ्तर के भीतर बने इस भवन का नींव पत्थर वर्ष 13 अगस्त 2022 को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से रखा था। प्रोजेक्ट की कीमत 97 लाख निर्धारित की गई थी जिसे खुद ग्रामीण विकास ने पूरा करना था।
उप राज्यपाल ने ऑनलाइन किया था उद्घाटन
इस भवन का उद्घाटन उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वर्ष 2 अक्टूबर 2023 को ऑनलाइन किया था। कहने को तो उद्घाटन के पश्चात ही इसका कार्यात्मक हो गया था लेकिन संबंधित विभाग की ओर से इसके बाद न तो इमारत की बाहरी सुंदरता पर काम किया गया, और न ही फर्नीचर उपलब्ध करवाया गया। पिछले एक साल से इमारत के गेट पर ताला लटक रहा है जबकि बीडीसी का कार्यालय ब्लाक अधिकारी बरनोटी के अंदर बने एक-दो कमरों में चल रहा है।
-कोट
ब्लाक विकास परिषद का भवन पूरी तरह से तैयार हो चुका है लेकिन फर्नीचर की उपलब्धता न होने से इसका कार्यात्मक नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर विभाग के इंजीनियरिंग विंग को लिखा जा चुका है। जैसे ही फर्नीचर उपलब्ध होता है तो इससे कार्यात्मक बनाया जाएगा।
-धीरज शर्मा, ब्लाक विकास अधिकारी बरनोटी।
आदर्श आचार संहिता के चलते नवनिर्मित इमारत के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो पाई थी। अब आदर्श आचार संहिता हटी है तो टेंडर करके वहां फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी। जल्द ही इमारत में सारी सुविधाएं उपलब्ध होगी।
-दीपक कुमार डिंगरा, कार्यकारी अभियंता ग्रामीण इंजीनियरिंग विंग कठुआ।