- गांव हरिया चक में किसान मेले का आयोजन, 500 से अधिक किसानों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ की ओर से इंडियन फार्मर फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड(इफको) के सहयोग से सीमावर्ती गांव हरिया चक में किसान मेले का आयोजन किया गया, जिसमें 500 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया।
इसका उद्घाटन शेरे कश्मीर यूनिवर्सिटी एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी जम्मू के कुलपति डॉ. बी एन त्रिपाठी ने किया। मेले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और कृषि क्षेत्र में नवाचारों से अवगत कराया गया। इस अवसर पर डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे मेले किसानों तक आधुनिक और किसान मित्र तकनीक पहुंचने में मददगार साबित होते हैं तथा कृषि समुदाय में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने किसानों से समेकित कृषि तकनीक को अपनाने, अपनी उपज में मूल्य वृद्धि करने और पशुधन के सुधार पर जोर दिया।
इस अवसर पर निदेशक (विस्तार) अनुसंधान डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि कठुआ जिला पिछले तीन महीना से समग्र कृषि योजना (एचएडीपी) के तहत प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों में शीर्ष पर रहा है। जिसके लिए यहां के अधिकारी सराहना के पात्र हैं। उन्होंने नए अनुसंधान और कृषि तकनीक का किसानों को अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से फसल और पशुधन के सुधार में तकनीक के महत्व को बताया। मेले में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों जैसे, बागवानी,पशुपालन, रेशम पालन, मछली पालन और कृषि विज्ञान केंद्र के विभिन्न स्थानों के साथ-साथ निजी कंपनियों के स्टाल भी लगाए गए। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक कृषि सतीश शर्मा, मुख्य पशुपालन अधिकारी कठुआ डीआर जुगल किशोर, मुख्य कृषि अधिकारी संजीव राय, कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के प्रमुख डॉ विशाल महाजन आदि भी उपस्थित रहे।
नैनो यूरिया प्लस और नैनो डीएपी की दी जानकारी
सुखपाल सिंह सिद्धू ने कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए इफको द्वारा उठाए गए कदमों पर चर्चा की। उन्होंने नैनो-उर्वरक तकनीक विशेष रूप से नैनो यूरिया प्लस और नैनो डीएपी के बारे में जानकारी दी। सतीश शर्मा ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा पेश की गई नवीन योजनाओं पर चर्चा की। मेले के दौरान, विवेक वर्मा ने नव उर्वरकों और इसकी प्रभावशीलता पर तकनीकी व्याख्यान दिए। डॉ. विशाल शर्मा ने रबी फसलों की उत्पादन तकनीक पर, डॉ. अनामिका जमवाल ने बीज-पूर्व उपचार और मशरूम उत्पादन तकनीक पर, डॉ. बृजेश अजरावत ने फसल बीमा और सरकार द्वारा शुरू की गई नई योजनाओं पर और डॉ. गुरदेव चंद ने वर्टिकल फार्मिंग पर व्याख्यान दिए।
आकर्षण बनी हाइड्रोपोनिक इकाई
मेले का मुख्य आकर्षण हाइड्रोपोनिक इकाई थी जिसे प्लांट फिजियोलॉजी विभाग, स्कॉस्ट जम्मू द्वारा प्रदर्शित किया गया था जो मिट्टी रहित संस्कृति और विदेशी सब्जियों के लिए सहायक है। इसके अलावा, कृषि के महिला स्वयं सहायता समूहों ने अचार और डिब्बाबंद सब्जियों जैसे उत्पादों का भी प्रदर्शन किया। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. विशाल महाजन ने आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी।
विभिन्न विभागों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई
इस दौरान एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई जिसमें कृषि, भेड़पालन, पुष्पकृषि, पशुपालन आदि विभागों और इफको जैसी निजी एजेंसियों ने अपने उत्पादों और प्रौद्योगिकियों तथा बीज, रसायन, उपकरण आदि से संबंधित योजनाओं को प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी के दौरान मुख्य कृषि अधिकारी संजीव राय ने उपकुलपति को बताया कि कुछ वर्षों में कठुआ मशरूम और शहद उत्पादन में अग्रणी बन गया है।