अदालत से का लोगो लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन पंडोह की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में चूरा पोस्त बरामदगी के आरोपी को सुनवाई के बाद दोष मुक्त करार दिया है। न्यायालय ने कहा है कि आरोप पत्र में लगाए गए आरोपों को साबित करने में अभियोजन पक्ष विफल रहा है।
न्यायाधीश ने कहा, आरोप पत्र साबित न होने पर इस मामले को खारिज करने के साथ-साथ आरोपी को जमानत बांड से भी मुक्त किया जाता है। जानकारी के अनुसार एनडीपीएस एक्ट के तहत 16 जुलाई 2015 को चौकी रामकोट की पुलिस ने गश्त के दौरान आरोपी जहूर हुसैन पुत्र अब्दुल हुसैन निवासी धार बिलावर को गल्लक-रजवाल्ता मार्ग पर आठ किलो चूरा पोस्त के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
इसके बाद संबंधित पुलिस द्वारा जिला न्यायालय में 12 सितंबर 2015 को आरोप पत्र दाखिल कर आरोपी के खिलाफ अदालती कार्रवाई शुरू की गई थी। जिसकी सुनवाई के दौरान जिला अतिरिक्त न्यायाधीश ने 15 अक्टूबर 2024 को आरोपी के वकील अनमिंद्र सलाथिया और अभियोजन पक्ष के वकील राजेश शर्मा (एपीपी) की दलीलें सुनीं। इसके उपरांत कहा कि अभियोजन पक्ष लगाए गए आरोपों को साबित नहीं कर पाया है, लिहाजा आरोपी को दोष मुक्त करार दिया जाता है। न्यायालय ने मामले के वक्त जब्त की गई सामग्री को अपील अवधि (यदि कोई हो) की समाप्ति के बाद नष्ट करने का भी आदेश दिया है।