अगस्त 2013 के एक मामले में पुलिस द्वारा वकील के खिलाफ बुधवार को कोर्ट में चालान पेश किए जाने से नाराज वकीलों ने कामकाज ठप कर दिया। बार एसोसिएशन के सदस्यों ने मामले में पुलिस पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाते हुए धरना दिया। बार एसोसिएशन सदस्यों ने कहा कि फिलहाल तीन दिन तक हड़ताल रखी गई है। यदि मामले को खत्म नहीं किया गया, तो अगली कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है। न्यायालय में तैनात सीपीओ के खिलाफ भ्रष्टाचार फैलाने के आरोप लगाते हुए तबादला की मांग की।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने उक्त मामले में गुपचुप तरीके से चालान पेश किया है। टाइम बार्ड चालान को पेश करने का मकसद वकीलों की बेइज्जती करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि एलडी सीजेएम की अदालत में नौ दिसंबर को मामले की सुनवाई की जानी थी, लेकिन पुलिस ने साजिश के तहत वकीलों की छवि को खराब करने के लिए सात दिसंबर को चालान पेश कर दिया है। बार एसोसिएशन सदस्यों ने सरकार से मांग की और इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट को भी ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने उक्त एफआईआर संख्या में वकील अतुल अंदोत्रा के खिलाफ आरपीसी की धारा 188/353/504/506 आरपीसी में मामला दर्ज किया था। उन्होंने बताया कि तेरह अगस्त 2013 को कर्फ्यू नहीं लगा था और न्यायालय में भी रूटीन का कामकाज जारी था। एडवोकेट अतुल अंदोत्रा एलडी एएलसी की कोर्ट की ओर जा रहे थे। इसी बीच मुख्य चौक पर एसआई ने उन्हें रोक कर अभद्र व्यवहार किया। बिना अनुमति लाठीचार्ज भी किया गया। इस संबंध में एलडी सीजेएम की कोर्ट में शिकायत भी दर्ज करवाई गई, जो वर्तमान में विचाराधीन है और इस मामले की अगली सुनवाई के लिए नौ दिसंबर की तिथि निधार्रित की गई थी।