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Kathua News: चार माह तक चली दाखिला प्रक्रिया, 73 फीसदी सीटें अभी भी खाली

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-नई शिक्षा नीति के बाद जिले के सात डिग्री कॉलेजों में 6070 अलॉट सीटों में मात्र 1656 हुए दाखिले
- जहां-जहां घट रहे विषय आधारित दाखिले, उन काॅलेजों से संबंधित विषय ही हो रहे गायब

गोल्डी शर्मा
कठुआ। जम्मू-कश्मीर के डिग्री कॉलेजों में दाखिले को लेकर बढ़ते गए इंतजार ने विद्यार्थियों को इनसे मुंह फेरने को मजबूर कर दिया है। कठुआ जिले में सामने आए आंकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे हैं। जिले के सभी डिग्री कॉलेजों में अलॉट सीटों में इस साल 73 फीसदी खाली ही रह गईं।
उधर, पड़ताल में यह भी सामने आया है कि जहां दाखिला कम रहा है, वहां विभाग ने अपनी खामी छुपाने के लिए उन विषयों को हटा लेना ही बेहतर समझा है। कॉलेजों में गिर रही दाखिले की दर को देखते हुए फिलहाल जम्मू-कश्मीर के डिग्री काॅलेज निदेशक ने दाखिले की रिपोर्ट तलब की है। जिले के सात राजकीय डिग्री कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया में 73 फीसदी अलॉट सीटें नहीं भर पाई हैं। जुलाई के अंत में शुरू हुई प्रथम सेमेस्टर की दाखिला प्रक्रिया जो अक्तूबर तक कई चरणों में होने के बाद भी सिर्फ 27 फीसदी सीटें ही भर पाई है।
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इसमें सबसे ज्यादा सीटें 961 राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ में भरी गई हैं जो 40 प्रतिशत है। जबकि 60 फीसदी प्रथम सेमेस्टर की सीटें खाली पड़ी हैं। सबसे कम दाखिला राजकीय डिग्री कॉलेज रामकोट का है। इसमें मात्र 24 दाखिले हुए हैं जो कुल 240 सीटों में सिर्फ एक प्रतिशत बनता है। लगभग यहीं स्थिति अन्य कॉलेजों की भी है। सूत्रों की मानें तो कॉलेजों में कम दाखिले का कारण शिक्षा विभाग की ओर से अनिवार्य कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) रहा। इसमें ज्यादातर विद्यार्थियों ने दाखिला फार्म ही नहीं भरा जिसके बाद ज्यादातर विद्यार्थी बिना सीयूईटी के दाखिला प्रक्रिया का इंतजार करते रहे।
दो महीनों तक जारी सीयूईटी प्रक्रिया के तहत कॉलेजों में गिने-चुने छात्रों ने ही दाखिला लिया। इसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से बिना सीयूईटी के दाखिला शुरू किया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ज्यादातर विद्यार्थी राज्य के बाहर निजी कॉलेजों में अपने मनपसंद विषयों में दाखिला ले चुके थे। वहीं, दूसरा बड़ा कारण जिले के सबसे पुराने राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ को छोड़ कर बाकी कॉलेजों से मनपसंद विषय गायब होना रहा। सरकार के आदेश के अनुसार बीते वर्ष जिस भी कॉलेज में प्रत्येक विषय में 25 से कम विद्यार्थी थे, उन विषयों को बंद कर दिया गया है। यही व्यवस्था इस साल भी जारी रही।

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सीयूईटी से कॉलेज की इनरोलमेंट में आई कमी

सीयूईटी से पहले वर्ष 2019-20 राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ में कुल इनरोलमेंट 4020 थी। वहीं, 2020-21 में 3953 थी। 2021-22 में 4451 और 2022-23 में 4690 कुल इलरोलमेंट थी। सीयूईटी आने के बाद कॉलेज में वर्ष 2023-24 में इनरोलमेंट 3080 रह गई। इसमें प्रथम सेमेस्टर में कुल आवंटित सीटों 2340 पर केवल 940 विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया। मौजूदा वर्ष में 24 मुख्य विषयों में केवल 961 छात्रों ने ही दाखिला लिया है जबकि राजकीय महिला कॉलेज में नौ मुख्य विषयों में 143 सीटें ही भरी गई हैं। इसमें डोगरी में दो विद्यार्थी दाखिला लेने के लिए आए थे लेकिन शिक्षा विभाग के अनुसार उन विद्यार्थियों को राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ में भेज दिया गया। लगभग यही हाल जिले के अन्य कॉलेजों का भी है। जहां कुछ विषयों में 25 से कम विद्यार्थियों हैं तो उन्हें या तो कॉलेज में मौजूद विषयों लेने के लिए प्रेरित किया गया या उन्हें दूसरे कॉलेजों में भेज दिया गया।
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इंफोग्राॅफ

कॉलेज अलॉट सीटें भरी गईं

1. राजकीय डिग्री कॉलेज कठुआ 2400 961

2. महिला डिग्री कॉलेज कठुआ 720 143

3. राजकीय डिग्री कॉलेज महानपुर 190 29

4. राजकीय डिग्री कॉलेज बसोहली 640 91

5. राजकीय डिग्री कॉलेज रामकोट 240 24

6. राजकीय डिग्री कॉलेज बिलावर 840 210

7. राजकीय डिग्री कॉलेज हीरानगर 1040 198



कुल 6070 1656

कोट....

कॉलेजों में कम हो रहे दाखिले पहले से ही हमारे संज्ञान में हैं। इस संबंध में प्रदेश के सभी डिग्री कॉलेजों को निर्देश दिया कि वे दाखिला के संबंध में रिपोर्ट जमा करवाएं। इसके बाद विचार-विमर्श कर दाखिले में आ रही मुश्किलों को दूर कर भविष्य के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी ताकि जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक कॉलेज में दाखिला प्रक्रिया बढ़ सके और विद्यार्थियों के रुझान को भी समझा जा सके।
- डॉ. शेख अजाज बशीर, निदेशक, कॉलेज जम्मू-कश्मीर।
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