संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। एडीसी विनय खोसला ने ई-रिक्शा चालकों के लिए अलग-अलग ब्लॉक बनाने के निर्देश दिए हैं और इनके लिए छह किलोमीटर तक संचालन करने की हद तय की है। वहीं, बिलावर उपमंडल में चलने वाली सभी मिनी बसों को बिलावर के मेटाडोर स्टैंड से संचालित करने को कहा है।
मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह के सभागार में एडीसी ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान नगर कमेटी के पूर्व चेयरमैन राकेश चंदेल, वरिष्ठ नागरिक शांति स्वरूप ने बताया कि मिनी बस चालक हर सवारी को नाज पुल के पास उतार देते हैं जिसकी वजह से आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर छोटे-छोटे बच्चों, बुजुर्ग महिलाओं और दिव्यांग लोगों को तहसील कार्यालय में पहुंचने के लिए लगभग एक किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि तहसील कार्यालय के साथ-साथ एडीसी कार्यालय, डीएफओ का कार्यालय, मुंसिफ कोर्ट, पुलिस स्टेशन, कोष कार्यालय बिलावर में सरकारी कामकाज के लिए लोगों को आना पड़ता है और विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में लोग उपमंडल मुख्यालय पर पहुंचते हैं जिन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि मिनी बस चालकों को मेटाडोर स्टैंड से मिनी बसें चलाने के आदेश दिए जाएं ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
व्यापार मंडल के प्रधान सुमित वर्मा ने बिलावर के पुराने बस स्टैंड पर ई-रिक्शा स्टैंड बनाने की मांग की।। एडीसी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए और मिनी बसों को मेटाडोर स्टैंड से संचालित करने को कहा जाए ताकि जनता को परेशान ना होना पड़े। इस मौके के पर तहसीलदार सुरेंद्र सिंह, सब डिविजनल पुलिस ऑफिसर नीरज पडियार, ट्रैफिक पुलिस के सेक्टर ऑफिसर, कार्यकारी अधिकारी बिलावर वीरेंद्र पाल सिंह आदि मौजूद रहे।