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Kathua News: लापरवाही से वाहन चलाने से मौत मामले में आरोपी बरी

Thu, 17 Jul 2025 12:01 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
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वर्ष 2018 में हीरानगर के लौंडी मोड़ में बस से गिरकर हुई यात्री की मौत का मामला
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कठुआ। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में हुई मौत में आरोपी चालक को बरी कर दिया है। आदेश के अनुसार अभियोजन पक्ष अभियुक्त के खिलाफ यह साबित करने में विफल रहा कि मृतक की मौत चालक की लापरवाही से वाहन चलाने से हुई है। इसके अलावा अभियुक्त के व्यक्तिगत और जमानत बांड को रद्द करने का भी निर्देश दिया है।

कोर्ट में दायर मामले के अनुसार आरोपी रमन कुमार पुत्र स्वर्ण लाल निवासी बिश्नाह जम्मू पर आरोप था कि वह 31 दिसंबर 2018 को वाहन को लापरवाही से चला रहा था। इससे हीरानगर के लौंडी मोड़ पर सुबह साढ़े 10 बजे के करीब बस में सवार यात्री प्रदीप सिंह पुत्र कुलदीप सिंह की वाहन के अगले दरवाजे से गिरने से मौत हो गई। इसके बाद हीरानगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर चालान को 27 फरवरी 2019 को न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
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आरोपी के खिलाफ 10 जुलाई 2019 को आरोप तय किया गया। इसमें आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमा लड़ने का दावा किया था। इसके बाद कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को आरोपी के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाहों की सूची में से सिर्फ आठ की गवाही करवाई गई। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों ने आरोपी के खिलाफ कोई गवाही नहीं दी। किसी भी गवाह ने यह साबित नहीं किया कि आरोपी पर लगाए गए अपराधों से उसका कोई संबंध है। अभियोजन पक्ष के किसी भी गवाह ने यह आरोप नहीं लगाया कि दुर्घटना आरोपी की लापरवाही और उतावलेपन के कारण हुई। आरोपी के वकील ने कोर्ट में बताया कि केवल एक गवाह घटना का प्रत्यक्षदर्शी था। इसके बाद बचाव पक्ष के वकील ने चालान खारिज करने और आरोपी को बरी करने की प्रार्थना की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाहों ने स्पष्ट बयान दिया कि दुर्घटना अभियुक्त की गलती के कारण हुई जबकि कुछ ने कहा कि वाहन तेज गति में था। उन्होंने कहा कि मृतक चलती गाड़ी से कूद गया जो चालक की नहीं बल्कि मृतक की लापरवाही को दर्शाता है। इसके अलावा सभी गवाहों ने यह भी कहा कि घटनास्थल पर वाहन की गति कम करने के लिए लौडी मोड़ स्थित पुलिस नाके पर ड्रम रखे हुए थे। फिर अपराधी वाहन की गति कैसे कम नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट ने सिर्फ एक स्पष्ट बयान है कि चालक बस को लापरवाही और जल्दबाजी में चला रहा था जो याचिकाकर्ता के अपराध को साबित नहीं करता। इसके अलावा रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जो चालक की लापरवाही को स्पष्ट रूप से बयान करता हो। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया।
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