एक से दूसरी पंचायत तक पहुंचने के लिए बदलने पड़ रहे तीन वाहन
इस इलाके में रहने वाली आबादी को नहीं मिल रहा वास्तविक लाभ
कठुआ। जिले के कंडी क्षेत्र की ज्यादातर पंचायतों में सरकार ने सड़कों का जाल बिछाकर एक-दूसरे से तो जोड़ दिया है, लेकिन एक दशक से ज्यादा समय बीतने के बाद भी इन आवागमन के लिए कोई सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है।
स्थानीय लोग एक से दूसरी पंचायत तक पहुंचने के लिए आज भी ई-रिक्शा पर निर्भर हैं। इससे लोगों को समय बर्बादी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। एक से दूसरी पंचायत तक पहुंचने के लिए पहले हाईवे पर आना पड़ता है। इसके बाद तीन वाहन बदलकर दूसरी पंचायत तक पहुंच बनाने के लिए मजबूर हैं। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के प्रवेशद्वार लखनपुर से दयालाचक तक लगते कंडी क्षेत्र में वर्तमान में तीन दर्जन से ज्यादा पंचायत है। ज्यादातर पंचायतों को प्रधानमंत्री सड़क योजना सहित अन्य योजनाओं के तहत आपस में तो जोड़ दिया गया है, लेकिन अब तक आपसी आवागमन के लिए सार्वजनिक परिवहन तंत्र स्थापित नहीं हो पाया है। इलाके की अधिकतर आबादी को सड़कों का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्थानीय अशोक सिंह, प्रदीप कुमार और शाम लाल का कहना है कि लखनपुर से सार्वजनिक परिवहन से बाया करोड़ होते हुए हटली पंचायत तक जा सकते हैं। हटली से कठुआ आने के लिए सीधी परिवहन सुविधा उपलब्ध है, लेकिन मरौली से खरोट बाया जंगलोट बौडा तक कोई भी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नहीं है। वहीं, धन्नी बाख्ता से सीधी कठुआ के परिवहन सुविधा है, लेकिन धन्नी बाख्ता बाया मंगलूर और डिंगा अंब के बीच कोई सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था नहीं है। लोगों की मांग है कि इन रूटों पर आवागमन के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।